नवसृजित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भिंगराड़ा उद्घाटन के बाद एक दिन भी नहीं खुला है। जिससे इस संस्थान में प्रवेश लेने वाले छात्र छात्राओं के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। संस्था के लिए स्टाफ के पद स्वीकृत कर दिए गए हैं, लेकिन अभी तक कोई कर्मचारी यहां नहीं आया है।
नवंबर माह में आईटीआई का विधिवत उद्घाटन किया जा चुका है। उद्घाटन के समय 10 दिसंबर से यहां पढ़ाई शुरू होने की बात कही गई थी। जिसके लिए 30 छात्रों का इलेक्ट्रिकल ट्रेड के लिए चयन करने के साथ ही उनके मूल प्रमाणपत्र विभाग ने मांग लिए थे। तब से न तो आईटीआई संचालित हो पा रहा है और न ही छात्रों के मूल प्रमाणपत्र ही उन्हें दिए जा रहे हैं। मूल प्रमाणपत्र के अभाव में यह बच्चे अन्य स्थानों में पढ़ाई या नौकरी के लिए नहीं जा पा रहे हैं। अभी तक विभाग की ओर से यहां आईटीआई संचालित करने के लिए किराये का भवन भी नहीं लिया गया है। स्थानीय लोगों ने यहां के रामलीला मंच के पास एक कमरा फिलहाल उपलब्ध कराया गया है। जिले के सभी आईटीआई की व्यवस्था के लिए आईटीआई टनकपुर के प्रधानाचार्य को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहां के प्रधानाचार्य का स्थानांतरण हो चुका है। उनके स्थान पर जेपी टम्टा को संबद्ध किया गया है।