आईटीबीपी के महानिदेशक(डीजी) सुरजीत सिंह देसवाल ने बृहस्पतिवार को छमनियांचौड़ स्थित आईटीबीपी की 36 वीं वाहिनी का निरीक्षण किया।
डीजी ने वाहिनी परिसर में नवनिर्मित आफिसर मेस, आवासीय भवन, वाहिनी चिकित्सालय और जवान बैरक का शुभारंभ किया। इस दौरान डीजी देसवाल को हिमवीरों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मेस परिसर में फलदार पौधों के रोपण के बाद उन्होंने हिमवीरों की समस्याएं भी सुनीं।
डीजी ने कहा कि हिमवीर देश की सुरक्षा और सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि बार्डरों पर विषम परिस्थितियों में रहते हुए हिमवीर देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।
आईटीबीपी 36 वीं वाहिनी लोहाघाट के कमांडेंट सुभाष चंद्र यादव ने डीजी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि आफिसर मेस को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है जो पूरी तरह एसी युक्त होने के साथ इसमें दो वीवीआईपी रूम भी हैं।
इस मौके पर दिल्ली हेड र्क्वाटर के आईजी दलजीत सिंह, डीआईसी बरेली सेक्टर एपीएस निंबोडिया, डीआईजी इंजीनियरिंग राजेंद्र पडोलिया, स्टाफ आफिसर कमांडेंट मनीष कुमार, सीपीडब्ल्यू के अभियंता तेजवीर सिंह, एके जैन आदि मौजूद रहे।
हिमवीरों के लिए होगा टेंप्रेचर कंट्रोल भवनों का निर्माण
पत्रकारों से बातचीत में डीजी देसवाल ने कहा कि देश की रक्षा में सीमाओं पर विषम परिस्थितियों में सेवा देने वाले हिमवीरों के लिए जल्द ही वहां टेंप्रेचर कंट्रोल भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसका प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा चुका है।
बॉर्डरों पर सेवा देने वाले हिमवीरों को किसी तरह की परेशानियां न हों, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्हें बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ के कारण हिमवीरों को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए उनके रहने के लिए टेंप्रेचर कंट्रोल भवन बनाने का प्रस्ताव है।
उन्होंने बताया कि 36वीं वाहिनी में जवानों और अफसरों के रहने के लिए आवासीय भवन, मेस आदि का कार्य पूरा हो गया है। हिमवीरों की दिलेरी और बहादुरी के चलते आईटीबीपी का परचम लहराया है। सरकार हिमवीरों की सुविधा का पूरा ध्यान रख रही है।