लोहाघाट /टनकपुर(चंपावत)। लोगों को पुश्तैनी वनाधिकार और हक हकूक बहाल करने की मांग को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय लोहाघाट पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक ली। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एकजुट होकर पार्टी को मजबूती प्रदान करने के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरा। शुक्रवार को एक होटल में आयोजित बैठक में उपाध्याय ने कार्यकर्ताओं से 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कमर कसने को कहा। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूती के लिए सभी को एकजुट होना होगा।
उन्होंने केंद्र सरकार की सेवाओं में स्थानीय युवाओं को आरक्षण देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, प्रतिमाह एक गैस सिलिंडर, बिजली, पानी मुफ्त देने, शिक्षा स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क देने, जंगली जानवरों के जनहानि पर 25 लाख रुपये और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने, राज्य में चकबंदी लागू करने की मांग की। इस मौके पर वनाधिकार कमेटी सदस्य प्रेम बहुखंडी, पूर्व राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी, राम पांडेय, पंकज रतूड़ी, आनंद माहरा, सुरेश सिंह आदि ने विचार रखे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह देऊ, भगीरथ भट्ट, मुन्ना ढेक, नवीन मुरारी, चांद बोहरा, डॉ.अमर सिंह कोटियाल, हरगोविंद बोहरा, सूरज प्रहरी, प्रकाश माहरा, प्रहलाद अधिकारी, हरीश चौधरी, चिराग फर्त्याल आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
इधर टनकपुर में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन पर राज्य के लोगों का पुराना हक है। सरकार को इन तीनों पर राज्य की जनता को आरक्षण देना चाहिए। उन्होंने यहां कार्यकर्ताओं की बैठक ले पार्टी को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करने की अपील की। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। बैठक में पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, कांग्रेस नगर अध्यक्ष अनिल चौधरी पिंकी, गोपाल बिष्ट, भैरव दत्त जोशी, सुभाष चंद, दयाल सिंह धनिक, गजेंद्र पाल, कामरान अंसारी, देवेंद्र सिंह, बसंत राय, सुरेश राय, दीपक राय, राजेंद्र धामी, सूरज बोहरा, भवानी टम्टा, कादिर अली, नीरज मिश्रा, जगदीश चंद्र जग्गा, मोहम्मद रईस अहमद, संजय अग्रवाल, दीपक पांडे आदि मौजूद थे।
किसान विरोधी है केंद्र की भाजपा सरकार : उपाध्याय
लोहाघाट (चंपावत)। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने किसान आंदोलन को समर्थन देते हुए केंद्र की भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उपाध्याय ने कहा कि जिन किसानों की कड़ी मेहनत से उगे राशन से नेता, अधिकारी और देशवासी भोजन करते हैं, उन्हीं किसानों की आज कोई सुध नहीं ली जा रही है। व्यक्ति को जिंदा रहने के लिए प्राण, वायु, पानी, अन्न की आवश्यकता है। जब किसान सरकार की ओर से बनाए गए तीनों कानूनों का विरोध कर रहे हैं तो प्रधानमंत्री को हठधर्मिता छोड़कर किसानों की मांग माननी चाहिए। भाजपा किसानों को दिल्ली में नहीं घुसने देकर कड़ाके की ठंड में उन पर पानी की बौछारें करवा रही है। उन्होंने कहा कि इस बार तो किसानों ने रवी की फसलों की बुआई कर दी है, यदि किसान खरीफ की फसलें नहीं बोएंगे तो इसके भविष्य में गंभीर परिणाम सामने आएंगे। (संवाद)