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Champawat News: डेंगू के मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार

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चंपावत जिला अस्पताल में बना आईसोलेशन वार्ड।संवाद
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चंपावत। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग ने जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल टनकपुर और लोहाघाट में डेंगू के मरीजों के लिए छह-छह और पाटी, बाराकोट स्वास्थ्य केंद्र में चार-चार बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं।
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जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचएस ह्रयांकी ने बताया कि अस्पतालों में उल्टी, आंखों में दर्द, जोड़ों में दर्द, बुखार से संबंधी मरीजों का ठीक तरह इलाज किया जा रहा है। अगर जांच करने के बाद कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे आइसोलेट किया जाएगा। डेंगू बीमारी से बचने के लिए पानी को किसी भी जगह एकत्र न होने दें। अपने आसपास साफ-सफाई रखें और मच्छरों को पनपने न दें। इसके लिए समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करें। रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

डेंगू बीमारी से बचने के लिए 40 से अधिक टीम बनाई गई
जिले में डेंगू बीमारी से बचने के लिए विभाग की ओर से 40 से अधिक टीम गठित की गई हैं। हर ब्लाॅक में आरआरटी टीम बनाई गई है। हर ब्लाॅक में नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। इसमें आशा, एएनएम, स्टाफ नर्स, सीएचओ घर-घर जाकर सर्वे कार्य कर रहे हैं। अभी तक जिले में कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला है। जिले में 200 रेपिड किट की व्यवस्था है।
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जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए तैयारी पूरी कर ली गई हैं। जिले के तीन अस्पतालों में छह-छह बेड और पाटी और बाराकोट में चार चार बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं।- डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ, चंपावत


डेंगू बीमारी से निपटने के लिए तैयार रहें अधिकारी
चंपावत। जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए अधिकारी तत्परता से कार्य करें। डेंगू को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। यह बातें सीएमओ कार्यालय में अपर निदेशक डॉ. मनु जैन ने एनएचएम के तहत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।
बुधवार को सीएमओ डॉ. देवेश चौहान की अध्यक्षता में बैठक हुई। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तराखंड देहरादून डॉ. सीपी त्रिपाठी ने एनएचएम के तहत संचालित सभी कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएम कार्यों की समीक्षा में जेएसवाई, जेएसएसके, प्रतिरक्षण, परिवार नियोजन, 108 आपातकाल सेवा, 104 केकेएस, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आदि के बारे में चर्चा की गई।
बैठक में पीएमएस डॉ. एचएस ह्यांकी, एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत, डॉ. बलबीर सिंह, डीटीओ डॉ. राशि भटनागर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक गौरव पांडेय, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक प्रेम भट्ट, जिला लेखा प्रबंधक संजय पांडेय, दिनेश थ्वाल, प्रवीण भट्ट, दीपक पनेरु आदि मौजूद रहे। संवाद
07सीपीटी04पी-चंपावत में सीएमओ कार्यालय में अपर निदेशक को प्लांट देकर स्वागत करते सीएमओ। स्रोत विभाग

एएनएम और डिलीवरी सेंटर में मरीजों को मिले बेहतर सुविधाएं
-डीएम ने ली स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा और चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक
चंपावत। एएनएम सेंटर और डिलीवरी सेंटर को प्रत्येक ब्लॉक और अधिक सक्षम बनाए। इससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सकेगा। चंपावत को आदर्श जनपद के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां की चिकित्सा सेवाएं पूरे राज्य में एक उदाहरण बनें। यह बातें डीएम नवनीत पांडे ने जिला सभागार में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा और चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक के दौरान कहीं।
बुधवार को डीएम की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा और चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक हुई। इसमें जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा सुविधाओं, आवश्यक उपकरणों और दवाइयों की आपूर्ति, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, एनएचएम आदि की समीक्षा की गई। डीएम ने लोहाघाट, पाटी और बाराकोट की समीक्षा करते हुए कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सुविधाएं होनी चाहिए। उन्होंने जिला अस्पताल, टनकपुर और बनबसा अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ करने को कहा। इस दौरान पालिकाध्यक्ष प्रेमा पांडे, सीएमओ डॉ. देवेश चौहान, एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडे, डॉ. रश्मि पंत, सीमा बंगवाल आदि मौजूद रहीं। संवाद
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