मेरा भौ (बेटा) सुरक्षित लौट आए, इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रही हूं। बेटा पुष्कर लौट आए तो मैं फिर कभी उसे सुरंग में काम करने नहीं भेजूंगी। खेती और दूसरे काम कर गुजरबसर कर लेगा। ये बात मां देवकी देवी रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कही।
टनकपुर के छीनीगोठ में रहने वाले पुष्कर सिंह ऐरी 12 नवंबर से सिल्क्यारा सुरंग में फंसे हैं। पिथौरागढ़ जिले के कनालीछीना से चार दशक पूर्व छीनीगोठ में बसे पिता राम सिंह ऐरी कहते हैं कि 12 नवंबर को घर का फोन स्विच ऑफ होने से हादसे की जानकारी अगले दिन सोमवार को मिली। सुरंग में फंसे होने की जानकारी मिलने पर पूरा परिवार सदमे में आ गया। राम सिंह के बड़े बेटे विक्रम 15 नवंबर से सिल्क्यारा में हैं।
विक्रम की पत्नी ममता ऐरी बताती हैं सास देवकी देवी की तबीयत काफी समय से खराब है। बरेली के एक अस्पताल से उनका इलाज चल रहा है। सुरंग की घटना के बाद से वे गुमसुम हैं। यहां तक कि दवा खानी भी छोड़ दी है। तीन दिन बाद दवा देने के साथ किसी तरह से वे थोड़ा बहुत खाना खा रही हैं। अभी भी न नींद आ रही हैं न ही ज्यादा बोल रही हैं। अब सीएम के भरोसे के बाद जरूर आस बंधी है।
सुरक्षित निकाले जाएंगे सभी 41 श्रमिक: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तरकाशी के सिल्क्यारा में सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिक सुरक्षित हैं। उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के लिए केेंद्र और राज्य सरकार की सभी एजेंसी और विशेषज्ञ दिन-रात जुटे हैं।
यहां पत्रकार वार्ता में सीएम ने कहा कि बचाव कार्य के दौरान फंसी ऑगर मशीन को निकालने में कुछ घंटे और लगेंगे। एक से दो दिन में इसे निकाल लिए जाने की विशेषज्ञों को उम्मीद है। सुरंग के भीतर 46 मीटर मलबे को हटा लिया गया। अब 10 मीटर फासला बाकी रह गया है। इस मलबे को सोमवार तक हटा लिया जाएगा। सीएम ने कहा कि सुरंग हादसे के कारणों की जांच के बाद भविष्य में ऐसी दुर्घटना न हो इसके लिए उपाय किए जाएंगे।
सुरंग में फंसे पुष्कर सिंह ऐरी के परिजनों को सांत्वना दी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिलक्यारा सुरंग में फंसे पुष्कर सिंह ऐरी के टनकपुर के छीनीगोठ गांव में जाकर परिजनों को हौसला बंधाया। सीएम ने पुष्कर सिंह ऐरी की मां गंगा देवी और पिता राम सिंह ऐरी से मुलाकात कर फंसे श्रमिकों को जल्द सुरक्षित बाहर निकालने का भरोसा दिलाया। कहा कि सरकार सभी संभव प्रयास कर रही हैं।