कोतवाली की हैसियत रखने वाले बनबसा थाने का भवन एनएच के अतिक्रमण की जद में है। कभी भी थाने के भवन पर अतिक्रमण विरोधी हथौड़ा चल सकता है।
हालांकि प्रशासन ने भवन निर्माण को अन्यत्र भूमि का चयन किया है लेकिन भूमि हस्तांतरण, भवन निर्माण तक थाने का कार्य प्रभावित रहने की आशंका है।
यहां का थाना सामरिक दृष्टि से खास महत्व रखता है। जिले के साथ नेपाल का प्रवेश द्वार होने से इस थाने का खास महत्व है। मझगांव से टनकपुर सीमा तक नेपाल की खुली सीमा, हुड्डीनदी का छोर कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने में पुलिस के लिए चैलेंज है।
थाने में स्टाफ की स्थिति अजीबोगरीब है। थानाध्यक्ष समेत तीन उपनिरीक्षक नियुक्त हैं। हेडकांस्टेबल के तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन चार तैनात हैं। कांस्टेबल के 31 पद स्वीकृत हैं जबकि तैनात केवल 21 ही हैं। दूसरी ओर महिला कांस्टेबल के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन उनमें तैनाती 10 की है।