पहाड़ में सुअर किसानों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बने हैं। फसलों के दुश्मन इन सुअरों के उत्पात से किसान खेती से भी पीछे हटने लगे हैं। जिले में 7 हजार हेक्टेयर खेत सुअरों की वजह से बंजर हो गए हैं और जो किसान फसल बो भी रहे हैं, उनकी फसल सुअर सही-सलामत नहीं रख रहे हैं। सुअरों के इस उत्पात से निपटने के लिए यहां एक छात्रा ने बेहतरीन मॉडल पेश किया है। इस मॉडल को उन्होंने मंगलवार को विकासखंड स्तरीय विज्ञान महोत्सव में रखा।
मल्लिकार्जुन इंटर कॉलेज की 12वीं की छात्रा सपना फर्त्याल ने सुअरों से खेती को बचाने के लिए जमीन की वैज्ञानिक तरीके से ताड़बाड़ का मॉडल बनाया है। तारों के संपर्क में आने पर सुअर को न केवल करंट लगेगा, बल्कि सायरन भी बजेगा। इसके अलावा इस ताड़बाड़ के विभिन्न स्थानों पर लगे शीशों से प्रकाश परावर्तित होगा, जिससे सुअर भ्रमित होगा। सपना का कहना है कि सुअर और जंगली जानवरों की किसानों की समस्या के बाद इस मॉडल को बनाने की ठानी। इसके अलावा उन्होंने गोदाम में रखे राशन को सड़ने से बचाने का मॉडल भी पेश किया। बाद में कृषि एवं खाद्य सुरक्षा वर्ग में इस मॉडल को प्रथम स्थान भी मिला।