चंपावत। प्रदेश में एकीकृत स्मार्ट गांव केंद्र परियोजना से गांवों की तस्वीर बदलने का काम किया जाएगा। इसमें प्रदेश के 13 जिलों में से 11 जिलों में एक-एक ग्राम पंचायत को एकीकृत स्मार्ट गांव केंद्र परियोजना में शामिल किया गया है। परियोजना के तहत चंपावत और टिहरी में दो-दो ग्राम पंचायतों को स्मार्ट विलेज बनाया गया है।
राज्य सरकार और सेतु आयोग की ओर से एकीकृत स्मार्ट गांव केंद्र परियोजना संचालित की गई है। इसमें गांव में सरकारी की योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के तहत ग्राम पंचायतों में कृषि बागवानी, स्वास्थ्य शिक्षा, डिजिटल सेवाएं और आजीविका अवसरों को एकीकृत कर ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास किया जाएगा। परियोजना का पायलट चरण चंपावत के देवीधुरा और टिहरी के फैगुल ग्राम पंचायत संचालित किया जाएगा। इसमें चंपावत के चौड़ीराय और देवीधुरा ग्राम पंचायत और टिहरी की दो ग्राम पंचायत, अल्मोडा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल, उधमसिंह नगर, देहरादून, हरिद्वार की एक-एक ग्राम पंचायत शामिल है।
कोट
प्रदेश के 11 जिलों में एक एक गांव और चंपावत, टिहरी में दो दो गांव स्मार्ट विलेज बनाए गए हैं। इन विलेजों में विभागों की ओर से विकास कार्याें को प्राथमिकता दी जाएगी। - डॉ. नंदन प्रसाद आगरी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, चंपावत