जिले के प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने वर्ष 2016-17 की जिला योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी को विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश दिए। मंत्री ने आवंटित बजट का 94 फीसदी खर्च होने पर अधिकारियों की पीठ भी थपथपाई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन बेस अस्पताल के लिए जल्द ही 10 करोड़ रुपये जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने आंवला घाट पेयजल योजना के बिजली सब स्टेशन को 20 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा दिसंबर तक योजना का पानी जिला मुख्यालय के लोगों को मिलने लगेगा।
विकासभवन में आयोजित बैठक में मंत्री ने विभागवार विकास कार्यों की समीक्षा की। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि वर्ष 2016-17 की जिला योजना का परिव्यय 61.02 करोड़ रुपये था। परिव्यय का 58 प्रतिशत 35.8 करोड़ रुपये का बजट शासन से आवंटित हुआ। जिसमें से 94.80 की धनराशि खर्च हो चुकी है। बताया गया कि वर्ष 2017-18 की जिला योजना के लिए 50.40 करोड़ रुपये का परिव्यय निर्धारित किया है। इसमें से 7 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए है। लोनिवि के परिव्यय पर चर्चा के दौरान सामने आया कि जिला योजना से बनने वाली सड़कों में विभाग मुआवजे का प्रावधान तो करता है लेकिन काश्तकारों को मुआवजा नहीं दिया जाता।
मुआवजे की रकम से अतिरिक्त सड़क बना दी जाती है। इस पर मंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया और मुआवजे की धनराशि का वितरण किसानों को करने के निर्देश दिए। मंत्री ने सड़कों का काम न करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई कराने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। मंत्री ने कहा नए वित्तीय वर्ष के परिव्यय पर चर्चा के लिए दो जून को बैठक होगी। बैठक में पिथौरागढ़ के विधायक सूबे के वित्त मंत्री प्रकाश पंत, राज्यसभा सांसद महेंद्र माहरा, डीडीहाट के विधायक विशन सिंह चुफाल, गंगोलीहाट की विधायक मीना गंगोला, धारचूला के विधायक हरीश धामी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, सांसद प्रतिनिधि गणेश भंडारी, जिला योजना समिति के सदस्य किशन भंडारी, हेमा नियोलिया, ब्लाक प्रमुख गंगा बिष्ट और तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
मुआवजे की फाइल पहले तैनात एसडीओ ले गए?
पिथौरागढ़। बैठक में जंगली जानवरों के हमले में मृत और घायलों को मुआवजा न मिलने के सवाल पर डीएफओ विनय भार्गव ने अजीबोगरीब जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यहां पूर्व में तैनात एक एसडीओ मुआवजे की फाइलों को अपने साथ ले गए, इसलिए मुआवजा नहीं मिल रहा है। इस पर जिला योजना समिति के सदस्य किशन भंडारी समेत अन्य सदस्यों ने आपत्ति करते हुए कहा कि मुआवजे की फाइलों को स्थानांतरित अधिकारी कैसे अपने साथ ले जा सकता है। सदस्यों ने इस मामले में संबंधित एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई और प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की।
तो आयुर्वेदिक केंद्रों में स्वच्छक बांटते हैं दवा?
पिथौरागढ़। बैठक में आयुर्वेदिक अस्पतालों पर चर्चा के दौरान सामने आया कि जिले के 59 आयुर्वेद केंद्रों में से 40 में ही फार्मेसिस्ट तैनात हैं। जिन केंद्रों में फार्मेसिस्ट तैनात नहीं हैं, उनमें दवा वितरण कौन करता है के सवाल पर जिला योजना समिति के सदस्यों ने कहा कि उन केंद्रों में सफाई कर्मी दवा वितरित करने का काम करते हैं। सदस्यों ने फार्मेसिस्टों के पदों पर नियुक्ति की मांग की।