बैठक में उपस्थित निजी स्कूलों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य व अभिभावक।
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निजी स्कूलों में अब न तो री-एडमिशन फीस ली जाएगी और न ही वार्षिक फीस के नाम से शुल्क वसूला जाएगा। स्कूल ड्रेस और कापी-किताब भी स्कूलों में न बेचने की हिदायत दी गई है। बृहस्पतिवार को निजी स्कूलों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और अभिभावकों की बैठक में एसडीएम अनिल चन्याल और उप शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट ने यह निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगाह किया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालयों में कार्रवाई होगी।
तहसील सभागार में हुई बैठक में एसडीएम ने अभिभावकों की शिकायतें सुनने के साथ ही निजी स्कूलों में प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों का भी पक्ष सुना। उन्होंने निजी स्कूलों के प्रबंधकों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मानकों के तहत शिक्षण कार्य संचालित करने एवं मनमानी फीस नहीं वसूलने के निर्देश दिए। 25 प्रतिशत गरीब बच्चों व इकलौती कन्या को मुफ्त में पढ़ाने को कहा गया है।
बैठक में सीआरसी समन्वयक डीडी जोशी, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, प्रधानाचार्य गोविंद बल्लभ जोशी, शांति भट्ट, गोपाल राम आर्य, वीसी जोशी, रामदेव आर्य, कुंडल सिंह कार्की, सुंदर सिंह खोलिया, ममता कश्यप, ममता भंडारी, नवलकिशोर तिवारी, धर्मेंद्र चंद, योगी ज्याल, देवेंद्र जोशी, हरीश कलौनी आदि मौजूद थे।