चंपावत। जिला कार्यालय सभागार में डेंगू की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर डीएम नवनीत पांडे की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक हुई।
उन्होंने डेंगू नियंत्रण के लिए तीन प्रमुख बिंदुओं रोकथाम, नियंत्रण और क्रियान्वयन पर केंद्रित रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। आमजन को डेंगू के लक्षणों, फैलने के तरीकों और बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए। डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए हर ब्लॉक में नियमित फॉगिंग कराने और स्रोत नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। घरों के आस-पास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमले और टायर आदि की समय-समय पर सफाई की जाए।
डेंगू नियंत्रण उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए ने रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन, अस्पतालों में पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की तैनाती और ग्राम स्तर पर आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं की सहायता से पानी की सैंपलिंग के प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहां एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत, डॉ. इंद्रजीत पांडे, पीएमएस जिला चिकित्सालय डॉ. एचएस ह्यांकी, डॉ. सोनाली मंडल, अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास राजेंद्र प्रसाद बिष्ट, डॉ. मनजीत सिंह आदि रहे।
कैसे फैलता है डेंगू
डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है। साफ पानी में पनपता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते, मतली और उल्टी शामिल हैं।