चंपावत। जिला अस्पताल में सुबह अचानक तकनीकी खराब के चलते अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इससे अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गई। अस्पताल में अंधेरा छा गया। सिटी स्कैन, एक्स-रे नहीं हो पाए। मरीजों को इंजेक्शन मोबाइल की रोशनी में लगाना पड़ा।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में सुबह करीब 11 बजे तकनीकी खराब के कारण बिजली गुल हो गई। इससे इलाज के लिए आए मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में चिकित्सकों के अधिकांश कमरे अंधरे में डूबे रहे। एक्स-रे के लिए आए लोगों की जांच नहीं हो पाई। इंजेक्शन कक्ष पूरी तरह अंधकारमय रहा। स्टाफ नर्सों ने मोबाइल की रोशनी में मरीजों को इंजेक्शन लगाया। फिजियोथेरेपी विभाग में भी बिजली नहीं होने के कारण मशीन नहीं चल पाई।सूचना के बाद यूपीसीएल के कर्मी मनोज कुमार और दयानंद जोशी मौके पर पहुंचे और उन्होंने लाइन को ठीक करने का प्रयास किया। करीब 12.47 में कुछ क्षण के लिए बिजली आई लेकिन फिर चली गई। इसके बाद फिर बिजली सुचारु करने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। देर शाम खबर लिखे जाने तक बिजली सुचारु नहीं हो सकती थी। पीएमएस डॉ. एचएस ह्यांकी ने बताया कि बिजली के केबल खराब होने के कारण बिजली गुल हो गई थी। जनरेटर की मदद से मरीजों के अल्ट्रासाउंड और डायलिसिस किए गए।
सुबह 11 बजे तक
सुबह आठ से 11 बजे तक अस्पताल में एक्स-रे, सिटी स्कैन, फिजियोथेरेपी हुई लेकिन बिजली गुल होने के बाद पूरी तरह से व्यवस्थाएं चरमरा गईं। अस्पताल में हर तरफ अंधेरा नजर आया। इसके बाद जनरेटर दिनभर चलाए रखना पड़ा।