नोटबंदी के निर्णय का जहां आमजन स्वागत कर रहा है, वहीं भारत-नेपाल सीमा पर स्थित व्यापारी इस निर्णय से खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि नोटबंद करने से पहले सरकार को व्यवस्था चाक चौबंद कर लेनी चाहिए थी।
नेपाल पर आश्रित यहां के व्यापारी कारोबार को 80 प्रतिशत तक प्रभावित होना बता रहे हैं। कारोबारी नेपाली करेंसी भी नहीं ले पा रहे हैं। इससे कारोबार को बड़ा झटका लगा है। कारोबारियों का कहना है कि उपभोक्ता पहले अपनी दैनिक जरूरतों को पूरी करने में लगा है। गैर जरूरी खरीदारी पर उपभोक्ता द्वारा फिलहाल रोक लगाने का असर व्यापार पर पड़ा रहा है।
साइकिल कारोबारी रोहित गोयल का कहना है कि नोटबंदी से उनका कारोबार 70 प्रतिशत से अधिक प्रभावित हुआ है। नेपाली करेंसी लेने का भी लाभ नहीं है, उन्हें बदलने को बाजार में भारतीय करेंसी का अभाव है। साइकिल कंपनियों को भुगतान नहीं कर पाने से कारोबार को खासा झटका लगा है। कपड़ा व्यवसायी अभिषेक गोयल ने नोटबंदी का स्वागत तो किया है, लेकिन बाजार में करेंसी न होने से वे परेशान हैं।
उनका कहना है कि ग्राहक इन दिनों कपड़ा खरीदारी से बच रहा है। सीमेंट, सरिया, ईंट कारोबारी संजय अग्रवाल का कहना है कि नोटबंदी से उनका कारोबार 80 प्रतिशत प्रभावित हुआ है। वे कहते हैं कि लोगों ने मकान बनाने पर फिलहाल रोक लगा दी है। उधार देने से कंपनियों का पेमेंट रुका पड़ा है, इससे मैटेरियल उपलब्ध नहीं है। रेडीमेड वस्त्रों के विक्रेता राजू जोशी के अनुसार नोटबंदी से उनका कारोबार भी प्रभावित हुआ है।
पेंट्स और हार्डवेयर व्यवसायी राज्य आंदोलनकारी व्यापारी संजय जोशी ने भी नोटबंदी के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कुछ समय के लिए व्यापार प्रभावित हुआ है, लेकिन उन्हें नोटबंदी का दीर्घकालिक लाभ पहुंचने की उम्मीद है। रेस्टोरेंट स्वामी अजय ठाकुर का कहना है कि नोटबंदी से उनका कारोबार भी प्रभावित हुआ है। फिलहाल नेपाली करेंसी नहीं लेने से इन दिनों कारोबार खासा कम हो चुका है।