डीएम डा.अहमद इकबाल ने वर्ष 2017-18 की जिला योजना में नए और गत वर्ष के टोकन मनी वाले कार्यों को प्रस्तावित न करने के निर्देश दिए हैं। जिला सभागार में आयोजित जिला योजना की समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह गत वर्ष के चालू, अधूरे एवं दैवी आपदा से क्षतिग्रस्त कार्यों के प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 की जिला योजना में 4961 लाख रुपये के सापेक्ष वर्ष 2017-18 की जिला योजना 4097.71 लाख रुपये की प्रस्तावित करने के निर्देश शासन ने जारी किए हैं। इस वर्ष मई तक जिला योजना में केवल 12 प्रतिशत धनराशि ही अवमुक्त हुई है।
डीएम ने मनरेगा योजना में किए जा सकने वाले कार्यों को जिला योजना में प्रस्तुत न करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने भेषज को तेजपत्ता एवं अन्य जड़ी-बूटी की नर्सरी विकसित करने, पशुपालन को वैक्सीन, दवाओं पर फोकस रखने, डेरी विकास को बेमौसम चारे की व्यवस्था के प्रस्ताव रखने, मत्स्य के लिए किसानों का चयन कर मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने, लघु सिंचाई और सिंचाई विभाग को कृषि रकवे को चिन्हित करने के बाद ही योजनाओं को प्रस्तुत करने, उरेडा को विद्युत विहीन तोकों का चिन्हिकरण कर योजना में सोलर लाइट, सोलर वाटर हीटर सिस्टम आदि प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ हरगोविंद भट्ट, अर्थ संख्याधिकारी एनबी बचखेती, लोनिवि ईई डीडी भट्ट, प्रभागीय वनाधिकारी एके गुप्ता, पर्यटन अधिकारी राजेंद्र सिंह ऐरी, प्राचार्य डायट केसी शाक्य, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी सत्य नारायण, एसीएमओ डा.केसी ठाकुर, महाप्रबंधक उद्योग जीबी जोशी, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी एनसी कोठारी आदि उपस्थित थे।