प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ऑल वेदर रोड के लिए चयनित टनकपुर-पिथौरागढ़ नेशनल हाईवे को ऑल वेदर रोड में तब्दील करने के लिए सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। योजना के तहत जिला मुख्यालय के बीच से गुजरने वाले एनएच संख्या 125 टनकपुर-पिथौरागढ़ की 150 किमी लंबी सड़क को सुदृढ़ किया जाएगा।
नेशनल हाईवे डिवीजन के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला ने बताया कि विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। योजना को शुरू करने के लिए संबंधित कंपनी आरजी बिल्डवैल कंपनी की ओर से टनकपुर में अलग से कार्यालय खोल दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रस्तावित रूट में मौजूदा राजमार्ग को दस मीटर चौड़ा किया जाएगा और इसे टू लेन सड़क में परिवर्तित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वे कंपनी की ओर से तैयार आगणन को तीसरी पार्टी से क्रास चैक किया जाएगा। आरजी विल्डवैल कंपनी के अवर अभियंता धीरज सती ने बताया कि दो टीमों की ओर से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। पहली टीम ने टनकपुर के ककराली गेट से लेकर 92 किमी तक तथा दूसरी टीम ने किमी 126 से 135 तक सर्वे शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि ऑल वेदर रोड बनने से वाहनों के यात्रियों को खासकर बारिश के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
योजना में होना है नौ सौ किलोमीटर सड़क का निर्माण
चंपावत। ऑल वेदर रोड योजना में राज्य में नौ सौ किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाना है। जिसमें टनकपुर-पिथौरागढ़ 150 किमी के अलावा ऋषिकेश से धरांशू तक 144 किमी, धरांशू से यमुनोत्री 95 किमी, धरांशू से गंगोत्री 124 किमी में ऑल वेदर रोड बनाई जाएगी। इसी तरह ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग 140 किमी, रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड 76 किमी, रुद्रप्रयाग से माना गांव बदरीनाथ तक 160 किमी सड़क को सुदृढ़ किया जाएगा।
वर्ष 2019-20 में पूर्ण हो जाएगी योजना
चंपावत। एनएच के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला के अनुसार टनकपुर और पिथौरागढ़ के बीच ऑल वेदर रोड का निर्माण वर्ष 2019-20 में निर्धारित समय में पूर्ण हो जाएगा। सड़क के किनारे भूस्खलन से बचने के लिए सभी स्थानों पर पहाड़ों को पर्यावरण के अनुकूल मजबूत किया जाएगा। सड़क के निर्माण पूर्ण होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधनों में बढ़ोत्तरी भी होगी।
केंद्र की महत्वाकांशी योजना है आल वेदर रोड
ऑल वेदर रोड केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत चारधाम को वर्ष में 12 महीने आवागमन के लिए सुगम बनाना और चीन की सीमा तक अच्छी और पक्की सड़क का निर्माण करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत वर्ष 27 दिसंबर को देहरादून के परेड ग्राउंड में इस योजना का वैदिक मंत्रों के बीच शिलान्यास किया था।