नायकगोठ ग्राम पंचायत के नयागोठ गांव को नगर पालिका में शामिल किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने तहसील में प्रदर्शन कर शासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने एसडीएम अनिल चन्याल को ज्ञापन देकर गांव को जबरन नगर पालिका शामिल करने पर विरोध जताया। उन्होंने पालिका में शामिल किए गए परिवारों के मकानों की गणना का विरोध किया। कहा कि वह किसी भी सूरत में नगर पालिका में शामिल नहीं होना चाहते है। इसके बावजूद भी उनकी भावना की अनदेखी हुई तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इधर ज्ञानखेड़ा ग्रामसभा के लोगों ने भी ग्रामसभा के बड़े हिस्से को पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने पर विरोध जताया है।
नगर पालिका क्षेत्र के विस्तार के तहत नायकगोठ ग्रामसभा के नयागोठ गांव को भी नगर पालिका में शामिल किया गया है। लेकिन इस क्षेत्र के ग्रामीण पालिका क्षेत्र में शामिल नहीं होना चाहते। बृहस्पतिवार को पूर्व प्रधान जीत सिंह नेतृत्व में तहसील पहुंचे और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि वे शासन-प्रशासन के समक्ष कई बार अपनी मंशा जता चुके हैं। इसके बाद भी मकानों की गणना की जा रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन करने वालों में लक्ष्मण राम, मंजू देवी, भावना देवी, सुनीता, पंकज, श्याम, शांति प्रसाद, विशन सिंह, सूरज कुमार, दिवानी राम, रेवती देवी, विमला, सुंदरी देवी, सुनीता देवी आदि शामिल थे। इधर ज्ञानखेड़ा की प्रधान नीतू गोस्वामी व बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी ने भी ग्राम पंचायत के एक हिस्से को नगर पालिका में शामिल किए जाने का विरोध किया है। उनकी कहना है कि लोगों को विश्वास में लिए बिना पालिका में शामिल किए जाने के फैसले का वे ग्रामीणों के साथ हर मोर्चे पर विरोध करेंगे।