शहर का गंदा पानी ज्ञानखेड़ा, मनिहारगोठ, विष्णुपुरी कालोनी में जाने से ग्रामीण बेहाल हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल गंदे पानी से निजात दिलाने की मांग उठाई। उन्होंने शहर से गांव की ओर आ रहे गंदे नाले के पानी की निकासी कराने पर जोर दिया। साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी।
मंगलवार को ज्ञानखेड़ा, मनिहारगोठ एवं विष्णुपुरी के कई ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पर धमके। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल में बूम के पास से एक नहर निकाली गई थी, जो ज्ञानखेड़ा होकर बिचई से आगे निकलती थी। वर्तमान में नहर जगह-जगह बंद एवं कालोनियां बस गई हैं, इससे सीवर का पानी भी खुले में बहकर नहर में आने लगा। नया टैक्सी स्टैंड बनने से नाली पाट दी गई। गंदा पानी अब खेतों एवं घरों में घुस रहा है।
अक्तूबर 2015 में विधायक हेमेश खर्कवाल एवं एसडीएम ने निरीक्षण भी किया था। इस बीच रेलवे लाइन की ओर गंदे पानी के निकासी का सुझाव आया था। ग्रामीणों ने शीघ्र निस्तारण न होने पर ग्राम सभा की सीमा पर अपने स्तर से नाला बंद करने की चेतावनी दी। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद, ग्राम प्रधान विनोद वर्मा, नीतू गोस्वामी, हरिओम सेठी, अमजद हुसैन आदि शामिल हैं।