भेषज संघ की सगंध पौधशाला (नर्सरी) में लगाई गई जड़ीबूटी की सिंचाई नहीं हो पा रही है, लेमनग्रास, रोजमेरी, सतावर, अश्वगंधा, बड़ी इलाइची सूख गई है। टैंकों से भी विभाग ने इसकी सिंचाई नहीं की। सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी श्याम सुंदर पांगती ने औचक मुआयने में नर्सरी की बदहाली पर नाराजगी जताई।
टैंक से जड़ीबूटी पौध की सिंचाई नहीं करने सहित कई खामियां उन्होंने निरीक्षण में पाई। सीडीओ ने भेषज कर्मियों को फटकार लगाते हुए सात पॉलीहाउस में लगी जड़ीबूटियों की निराई-गुड़ाई करने की हिदायत दी। कहा अगले साल से काश्तकारों को उनकी मांग के सापेक्ष पौध अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।
जड़ीबूटी के जिला समन्वयक राकेश वर्मा ने कहा जिला योजना से धन मिलने के बावजूद भेषज संघ पर्याप्त मात्रा में जड़ीबूटी नहीं उगा पा रही है। जिस वजह से काश्तकारों को बाजार से इन पौधों को खरीदना पड़ रहा है।