राज्य की नई खनन नीति में खनिज भंडारण में बाधा से परेशान खनन कारोबारी मंगलवार को विधायक हेमेश खर्कवाल से मिले। उन्होंने खनिज भंडारण नियमावली में संशोधन कराकर पूर्व की भांति भंडारण की अनुमति दिलाने की मांग की। विधायक ने मुख्यमंत्री के समक्ष मामले को गंभीरता से रखकर समाधान कराने का भरोसा दिलाया है।
वन निगम के खनन प्रभाग ने एक दिसंबर से शारदा से खनिज निकासी खोल दी है, लेकिन भंडारण की समस्या के चलते खनन कारोबारी निकासी के बहिष्कार पर डटे है। बता दें कि राज्य की नई खनन नीति में खनिज भंडारण की अनुुमति सिर्फ स्टोन क्रसर स्वामी या फिर खनन के पट्टाधारकों को ही दी गई है, जिसके चलते स्थानीय कारोबारियों के खनिज भंडारण लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को विधायक से मिले खनन कारोबारियों ने कहा कि क्षेत्र में खनन ही रोजगार का बड़ा माध्यम है, लेकिन भंडारण के नए नियमों से कारोबार चौपट हो रहा है। उनके समक्ष रोजी-रोटी की समस्या पैदा हो गई है।
विधायक ने कहा कि नई खनन नीति में भंडारण के नियमों के शासनादेश में कुछ त्रुटि हुई है, लेकिन वे मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रख शीघ्र इसका समाधान कराएंगे। उन्होंने कारोबारियों के सामने फोन पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राकेश शर्मा से वार्ता भी की। इस दौरान शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र ज्याल योगी, जगदीश खर्कवाल, महेश सिंह, गजेंद्र पाल, मनोज गुप्ता, बाबी भट्ट, चंदन बिष्ट, जगदीश बिष्ट, मनोज कुमार आदि मौजूद थे।
खनन कारोबारियों की बैठक 25 को
खनिज भंडारण की समस्या को लेकर खनन कारोबारी 25 दिसंबर को नायकगोठ धर्मकांटे में बैठक कर अग्रिम रणनीति तय करेंगे। शक्तिमान ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र ज्याल योगी ने बताया कि बैठक में खनन कारोबार में लगे ट्रक स्वामी, स्टाकिस्ट और स्टोन क्रसर स्वामियों की मौजूदगी में समस्या के समाधान की रणनीति तय की जाएगी।