उचौलीगोठ 28 हेक्टेयर राजस्व क्षेत्र से खनन कार्य में लेनदेन को लेकर केएमवीएन के निविदाकार के एक कर्मचारी का उसके ही एक अप्रत्यक्ष पार्टनर द्वारा पिस्तौल के बल पर कथित अपहरण करने की घटना में वादी ने पुलिस को दिए बयान में अपहरण से इनकार कर दिया है। इधर, सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं, अलबत्ता अभी मामले में अग्रिम कार्रवाई नहीं की गई है।
दो जून को कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक खटीमा निवासी हरीश बोरा, गुरुप्रीत सिंह, सुंदर गोस्वामी और सूरज गोस्वामी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ निविदाकार के जैंती (अल्मोड़ा) निवासी कर्मचारी उमेश बिष्ट पुत्र मान सिंह बिष्ट का अपहरण करने की कोशिश की थी।
सूचना पर पुलिस ने चकरपुर के पास गाड़ी रुकवाकर उमेश को अपहरणकर्ताओं के चुंगल से छुड़ा लिया था। पुलिस ने आरोपियों की स्कार्पियो गाड़ी (यूके 04 जे/2264) को कब्जे मेें ले लिया था। पीड़ित उमेश ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 364, 312 एवं 506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाल वीसी शर्मा ने बताया कि पुलिस की तफ्तीश में वादी उमेश ने अपहरण किए जाने की बात से इनकार किया है। तफ्तीश के बाद बयानों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई होगी।