बड़ी रेल लाइन निर्माण कार्य के चलते चार दिन बाद यानि 15 जून से टनकपुर से ट्रेनों का संचालन बंद हो जाएगा, जिस कारण मैदानी क्षेत्र का ट्रैफिक का दबाव रोडवेज की बसों और टैक्सी वाहनों पर बढ़ेगा, लेकिन निगम प्रबंधन को न तो यात्रियों को होने वाली परेशानी की चिंता है और न ही निगम की आय बढ़ाने की। ट्रेनों का संचालन बंद होने की स्थिति से निपटने को निगम ने कोई तैयारी नहीं की है। अलबत्ता उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से जरूर टनकपुर रूट पर अतिरिक्त बसों का संचालन कराने का आग्रह किया गया है।
पीलीभीत-टनकपुर बड़ी रेल लाइन निर्माण के लिए रेलवे ने 15 जून से ट्रेनों का संचालन बंद करने का फैसला लिया है। ऐसे में जाहिर है कि ट्रेनों के यात्रियों का दबाव भी रोडवेज की बसों और निजी टैक्सी वाहनों पर बढ़ेगा। यहां से मैदानी क्षेत्र बरेली और लखनऊ रूट के यात्रियों का दबाव ट्रेनों पर ज्यादा रहता है, लेकिन ट्रेनों का संचालन बंद होने से ये यात्री भी रोडवेज की बसों और निजी टैक्सी वाहनों पर ही निर्भर हो जाएंगे। यह स्थिति एक-दो माह नहीं, बल्कि पूरे एक साल तक बनी रहने की आशंका है। ट्रेन बंद होने से निजी टैक्सी आपरेटरों के वारे-न्यारे होंगे। वहीं, परिवहन निगम के पास पर्याप्त बसें न होने से यात्रियों की जेब पर मार पड़ेगी, निगम की आय पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।
प्रभारी मंडलीय प्रबंधक पवन मेहरा ने बताया कि टनकपुर रीजन के टनकपुर, लोहाघाट और पिथौरागढ़ डिपो के पास वर्तमान में 212 बसों का बेड़ा है। उनका कहना है कि टनकपुर डिपो के पास मांग के अनुरूप 125 बसों के सापेक्ष 99 बसें, पिथौरागढ़ के पास 100 बसों के सापेक्ष 72 बसें और लोहाघाट के पास 44 बसों के सापेक्ष 34 बसें हैं। ऊपर से लुब्रिकेंट, कलपुर्जों और टायरों की भी पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से ठीक हाल बसों को भी ऑन रूट रखने में परेशानी हो रही है। उनका मानना है कि नई बसें मिलने पर ही मैदानी क्षेत्र के रूटों पर बसों का संचालन बढ़ाया जाना संभव हो पाएगा। उन्होंने बताया कि टनकपुर डिपों द्वारा दस मैक्स कैब वाहन अनुबंधित किए जा रहे हैं, जिन्हें जरूरत के मुताबिक संबंधित रूटों पर चलाकर यात्रियों को राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
यूपी परिवहन निगम ने टनकपुर से लखनऊ के लिए शुरू की एसी बस सेवा
लखनऊ के लिए रेल सेवा बंद होने के बाद से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के पीलीभीत डिपो ने टनकपुर से लखनऊ के लिए एसी बस सेवा शुरू की है। पीलीभीत डिपो की यह बस सुबह छह बजे टनकपुर से लखनऊ के लिए रवाना होती है, जिससे यूपी परिवहन निगम को अच्छी खासी आय हो रही है, लेकिन उत्तराखंड परिवहन निगम के पास इस रूट पर चलाने के लिए बस ही नहीं है।