बर्दाखान-पनार मार्ग का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोनिवि द्वारा 10 वर्ष पूर्व बर्दाखान से बिसराड़ी तक करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया था, जिसमें दो किमी सड़क का डामरीकरण भी कर लिया गया, लेकिन बचा तीन किमी का कार्य अधूरा छोड़ने के साथ पनार तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
इस कारण टुनकाली, धरगड़ी, पटियूडा, चमौला, अमौड़ा, आमथे आदि गांव यातायात सुविधा से वंचित हैं। पट्यूड़ा के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय गणेश नाथ का यहां पैतृक आवास भी है। जीते जी उन्होंने बर्दाखान से पनार सड़क निर्माण की पहल करवाई थी। ज्येष्ठ उप प्रमुख रूपा गोस्वामी का कहना है कि उक्त सड़क मार्ग के बनने से जहां अंतिम संस्कार के लिए रामेश्वर जाने वालों के लिए दूरी काफी कम हो जाएगी, वहीं इससे कई गांवों के लोगों को यातायात सुविधा भी मिलेगी।
उधर, लोनिवि के इंजीनियर चंद्रशेखर मुरारी का कहना है कि आगे की सड़क मेरा गांव मेरी सड़क योजना में प्रस्तावित की गई है, जिसे राजकीय निर्माण विभाग द्वारा बनाया जाएगा।