दूल्हे के पिता की हत्या में चार को उम्रकैद
6 दिसंबर 2013 को चौड़ाकॉन गांव में हुई थी हत्या
जिला अदालत का फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
चंपावत। दूल्हे के पिता की हत्या के चार अभियुक्तों को जिला अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद चारों हत्यारों को गिरफ्तार कर लोहाघाट हवालात भेज दिया गया। अब उन्हें लोहाघाट से अल्मोड़ा जिला जेल ले जाया जाएगा। इस मामले में पांचवें अभियुक्त की मौत हो चुकी है।
6 दिसंबर 2013 को टांण गांव के निवासी प्रकाश गड़कोटी की बरात रमक गांव गई थी। बरात की विदाई से पहले मैक्स जीप के चालक पुष्कर सिंह और कुछ बरातियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद निपटने के बाद बरात रमक से टांण को लौट गई। तभी मंगललेख ग्राम पंचायत के चौड़ाकॉन गांव पहुंचते ही चालक पुष्कर सिंह ने जीप को सड़क के बीच में खड़ी कर मार्ग बाधित कर अपने कुछ अन्य साथियों के साथ लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बरातियों पर हमला कर दिया। बीच बचाव को आए दूल्हा प्रकाश के पिता अंबादत्त (64) को भी हमलावरों ने सरियों और डंडों से पीट डाला, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक के पुत्र राजेंद्र गड़कोटी ने मंगललेख निवासी पुष्कर सिंह पुत्र मोती सिंह, कैलाश सिंह पुत्र गंगा सिंह, प्रकाश राम पुत्र गणेश राम, ईश्वरी राम पुत्र देवराम और हयात राम पुत्र दनी राम के खिलाफ राजस्व पुलिस चौकी में आईपीसी की धारा 302, 323, 147 और 148 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। बाद में यह मुकदमा रेग्युलर पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया। हत्या के पांचवें अभियुक्त ईश्वरी राम की 2018 में मौत हो गई थी। जबकि बाकी चारों अभियुक्तों का मामला जिला न्यायालय में चल रहा था। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी सुनील कुमार खर्कवाल ने पैरवी की। तमाम साक्ष्य, गवाहों के बयान और विभिन्न तथ्यों के आधार पर अदालत ने चारों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
जिला जज आशीष नैथानी ने चारों अभियुक्तों को आजीवन करावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं इस मामले में पुष्कर सिंह के पिता मोती सिंह ने भी दूल्हे प्रकाश और उनके भाई राजेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था लेकिन अदालत ने दोनों भाइयों को निर्दोष पाया।