बल्द त्यार के मौके पर लोहाघाट में बैलों को सजाकर उन्हें पकवान खिलाता किसान।
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चंपावत। जिले के चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट क्षेत्रों में इगास एकादशी (बूढ़ी दिवाली) पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान किसानों ने अपने बैलों को सजा धजा कर उन्हें पकवान खिलाए गए। किसान दीपक चंद्र, राम सिंह, रमेश सिंह, हरीश राम, विनोद कुमार आदि का कहना है कि हरबोधिनी एकादशी पर्व को ग्रामीण क्षेत्रों में बल्द त्यार नाम से जाना जाता है। इस दिन किसान अपने बैलों से काम नहीं लेते हैं। उन्हें खिचड़ी और पकवान खिलाए जाते हैं।
बल्द त्यार पर किसानों ने अपने बैलों के सींगों और कंधों में तेल की मालिश कर उन्हें और अधिक बल प्रदान करने की कामना की। इस दौरान बैलों के गले में घंटियां, सिर में झालर लगाकर आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बच्चे भी बैलों को सजाने संवारने में मदद कर रहे थे। दीपक ने बताया कि बैल किसानों के साथी होते हैें, जिनकी बदौलत बंजर खेतों का सीना चीरकर फसलें उगाई जाती हैं। इस मौके पर अंजलि, छोटू, बाबू, मानसी, संध्या आदि बच्चे मौजूद थे। संवाद