क्षेत्र में सक्रिय चोरों का गिरोह पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। बृहस्पतिवार की रात को चोरों ने नायकगोठ गांव में एक घर को निशाना बना दिया। चोरों ने घर का ताला तोड़ उसे पूरा खंगाला। घर में उनके हाथ कोई कीमती सामान नहीं लगा तो वह किराएदार के कमरे से आटा, चावल और दाल साफ कर ले गए।
पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार की रात को नायकगोठ निवासी मुकेश सिंह के घर में कोई नहीं था। मुकेश अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर अपनी ससुराल खटीमा गया था। किराएदार गिरीश प्रसाद का परिवार भी रिश्तेदारी में लोहाघाट गया था। शुक्रवार की सुबह लोगों को मकान का दरवाजा खुला दिखा। लोग जब वह मौके पर गए तो घर के चैनल गेट के साथ ही दरवाजों के ताले टूटे पड़े थे, घर के अंदर अलमारियों का सामान बिखरा पड़ा था। चोरों द्वारा ताले तोड़ने में प्रयुक्त की गई लोहे की दो रॉड भी बिस्तर पर पड़ी मिली।
ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना गृह स्वामी, किराएदार और पुलिस को घटना दे दी। सीओ आरएस रौतेला, एसओजी इंचार्ज विनोद कुमार यादव व उप निरीक्षक दीवान सिंह जलाल ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। एसओजी टीम ने खुली पड़ी अलमारियों व मौके पर बिखरे सामान व बिस्तर पर पड़ी लोहे की रॉड के फिंगर प्रिंट लिए।
गृह स्वामी के मुताबिक कोई महत्वपूर्ण सामान चोरी नहीं हुआ है। किराएदार गिरीश प्रसाद के कमरे से चोर बीस किलो चावल, दस किलो आटा व दो किलो दाल चुरा ले गए हैं। सीओ रौतेला का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ कर उनके फिंगर प्रिंट का मिलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चोरों का सुराग लगाने के लिए पुलिस टीमें लगा दी गई है।
किसी भी घटना का नहीं हुआ खुलासा
शहर में 12 जुलाई को बिष्ट मेडिकल स्टोर में चोरी की घटना को अंजाम देने के साथ ही चोरों ने शास्त्री चौक के पास भी एक दुकान के शटर का ताला तोड़ने की कोशिश की थी। 16 जुलाई को कार्की फार्म में एक मकान में चोरी हुई थी। अब पुलिस इनमें से किसी घटना का खुलासा नहीं कर पाई है।
गनीमत रही जेवरात पहले ही मायके पहुंचा दिए
टनकपुर। गृह स्वामी मुकेश सिंह की पत्नी ने रक्षा बंधन के दिन घर में रखे अपने सारे जेवरात मायके खटीमा पहुंचा दिए थे। अन्यथा आज वह जेवरातों से हाथ धो बैठते। मुकेश का परिवार उसके खटीमा स्थित ससुराल में रहता है। उनका परिवार यहां कभी-कभी आता है। मुकेश ने बताया कि रक्षा बंधन के दिन उसका परिवार यहां आया था तो उसकी पत्नी अलमारी में रखे अपने सारे जेवरात मायके ले गई थी।