फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभियान:आदर्श स्कूलों का ये कैसा आदर्श

विज्ञापन
टनकपुर के आदर्श जीजीआईसी में इस तरह एक कमरे में पढ़ने को मजबूर छात्राएं। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम केंद्र सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है लेकिन बेटियों को पढ़ने के लिए टनकपुर के आदर्श राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है। शिक्षिकाओं की कमी से होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए अभिभावक संघ कोष से शिक्षिकाओं के मानदेय की व्यवस्था की जा रही है।
विज्ञापन

इसकी वजह प्रवक्ताओं के 70 प्रतिशत पदों का खाली होना है। प्रवक्ता ही नहीं एलटी में भी 16 में से महज 9 ही पद भरे जा सके हैं। नतीजा यह है कि शिक्षिकाओं के मेहनत करने के बावजूद तीन साल में छात्राएं 1148 से घटकर 1016 रह गई हैं।
आदर्श स्कूल होने के बावजूद इस जीजीआईसी में प्रवक्ताओं के 10 पदों में से महज तीन (हिंदी, अंग्रेजी व रसायन विज्ञान) पद ही भरे गए हैं। शेष 7 विषयों (भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, गृह विज्ञान, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र व संस्कृत) के प्रवक्ता नहीं हैं। एलटी शिक्षिकाओं के पदों के हाल भी कम बुरे नहीं हैं। 16 पदों के सापेक्ष महज 9 ही शिक्षिकाएं हैं।
विज्ञापन

अभिभावक-शिक्षक संघ अध्यक्ष सरोज देवी का कहना है कि शिक्षिकाओं को लेकर लगातार आवाज उठाने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया है। शिक्षिकाओं की कमी के चलते अभिभावक संघ कोष से पांच शिक्षिकाओं की तैनाती की गई है। इसके लिए छात्राओं से हर माह 20 रुपये लिए जा रहे हैं।
इधर मुख्य शिक्षाधिकारी आरसी पुरोहित का कहना है कि कॉलेज की व्यवस्था में सुधार के लिए उच्चाधिकारियों से पदों को भरने का आग्रह किया गया है।
एक कमरे में पढ़ रहीं जूनियर की छात्राएं
टनकपुर/चंपावत। टनकपुर आदर्श जीजीआईसी में पांच कमरे बारिश आने पर टपकते हैं। इस वजह से जूनियर की तीनों कक्षाओं को बरसात में अक्सर एक ही कमरे में पढ़ाई करनी पड़ती है। एक ही कमरे में दो से तीन शिक्षिकाओं द्वारा छात्राओं को पढ़ाने का असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है।
चहारदीवारी टूटने से छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल
टनकपुर/चंपावत। बारिश में कॉलेज के मैदान में जलभराव भी खूब हो रहा है। इसके अलावा विद्यालय की चहारदीवारी के एक हिस्से के टूटने से छात्राओं से लेकर स्कूल की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है। वैसे भी इस साल के शुरू में यहां आठ सीसीटीवी लगे होने के बावजूद एक सीसीटीवी कैमरे को कुछ अराजक तत्व चोरी कर ले गए।
आदर्श जीजीआईसी में प्रवक्ताओं और एलटी शिक्षिकाओं की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अभिभावक कोष से पांच शिक्षिकाओं की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। चहारदीवारी के एक हिस्से के टूटने से छात्राओं से लेकर कॉलेज की संपत्ति की सुरक्षा खतरे में है। इन मामलों को जुलाई में हुई प्रधानाचार्यों की बैठक में उठाया गया था। अनुराधा दुबे, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी, टनकपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें