चंपावत। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में कुछ ही दिनों का समय शेष है। विभिन्न विभागों की ओर से जहां राजस्व देयकों की शत-प्रतिशत वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं कई सरकारी विभागों पर जल संस्थान का करोड़ों रुपए का बकाया है। विभाग की ओर से जहां पेयजल उपभोक्ताओं से बकाया वसूली के लिए आरसी काटी जा रही है, वहीं सरकारी विभागों से वसूली कम है। संस्थान की ओर से टनकपुर बनबसा क्षेत्र में 125 उपभोक्ताओं की आरसी काटी गई है। आरसी कटने के बाद जल संस्थान ने 9.75 लाख रुपए के सापेक्ष 5.45 लाख रुपए की वसूली की है।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल सक्सेना के अनुसार विभिन्न सरकारी विभागों से तीन करोड़ 51 लाख 93 हजार रुपए की वसूली के लक्ष्य के सापेक्ष एक करोड़ 92 लाख 18 हजार रुपए राजस्व की वसूली हो चुकी है। इसमें लोहाघाट नगर में 41.086 लाख, चंपावत नगर में 30.69 लाख, टनकपुर में 46.536 लाख, लोहाघाट ग्रामीण में 16.284, चंपावत ग्रामीण में 11.147, टनकपुर ग्रामीण में 22.904 लाख, पाटी ग्रामीण में 15.619 लाख, बाराकोट ग्रामीण से 06.967 लाख रुपए की वसूली की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि बकाएदारों में सिंचाई, उद्यान, सहायक अभियंता पूर्वोत्तर रेलवे, जिला न्याय विभाग, कुमाऊं मंडल विकास निगम, युवा कल्याण, नगर निकाय, दुग्ध विभाग, कोषागार, परिवहन निगम, केंद्रीय जल आयोग, कृषि विभाग, समाज कल्याण सहित कई अन्य विभाग शामिल हैं।
चंपावत। जल संस्थान के राजस्व के सबसे बड़े बकाएदारों में खुद राजस्व विभाग अव्वल स्थान पर है, जबकि बाल विकास विभाग दूसरा सबसे बड़ा बकाएदार है। सरकारी विभागों के दस बड़े बकाएदारों में राजस्व विभाग को 2432380 रुपए, बाल विकास विभाग को 554566 रुपए, स्वास्थ विभाग को 495086, शिक्षा विभाग को 419381 रुपए, बीडीओ 242413, पुलिस 230825, वन विभाग 160086, लोनिवि 133142, पशुधन अधिकारी 124748 रुपए, दूरसंचार विभाग को 94129 रुपए भुगतान करने हैं।