चंपावत एनआईसी में सीएम के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग करते डीएम और अन्य अधिकारी।
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चंपावत। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चाय विकास बोर्ड की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा के दौरान बताया गया कि चंपावत क्षेत्र में सौ हेक्टेयर जमीन नए चाय बागान के लिए चयनित की जा चुकी है। इसमें 35 हेक्टेयर क्षेत्र में नया प्लांटेशन बोर्ड के वार्षिक बजट से किया जा चुका है। पूर्व से स्थापित 225 हेक्टेयर क्षेत्रफल से प्राप्त हरी पत्तियों की प्रोसेसिंग के लिए चाय फैक्ट्री बनाने के लिए निशुल्क भूमि बोर्ड के नाम हस्तांतरित करवाई जा चुकी है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 में चाय बोर्ड गठन के समय बोर्ड का मुख्यालय नैनीताल से अल्मोड़ा स्थानांतरित कर दिया गया था। परंतु अब चाय बोर्ड का मुख्यालय प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में बनाया जाएगा। प्रदेश में चाय की चार नई फैक्ट्रियां खोली जाएंगी और लीज भूमि की अवधि 30 वर्ष से कम कर 15 वर्ष किया जाएगा। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बताया कि 2003 में जिन किसानों से चाय बागानों के लिए जमीन लीज पर ली गई थी, उनका भुगतान न होने के कारण उनमें काफी नाराजगी है इसलिए किसानों को लीज रेट दे दिया जाए। डीएम ने बताया कि जिले में टी टूरिज्म की काफी संभावनाएं हैं। यदि शासन से एक करोड़ पांच लाख की स्वीकृति मिल जाए तो जिले में टी टूरिज्म का विकास करने में सरलता आएगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग में सीडीओ राजेंद्र सिंह रावत, जिला कृषि अधिकारी सतीश शर्मा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट आदि मौजूद थे।