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संख्या में भी कम और लाभ लेने में पीछे

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रियासत हुसैन। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। अल्पसंख्यक समाज की इस जिले में न केवल संख्या कम है, बल्कि ये वर्ग लाभ लेने में भी पीछे है। इस जिले में बीते एक साल में सिर्फ 31 लोग योजनाओं का लाभ ले सके हैं। मौलाना आजाद एजुकेशन फाइनेंस योजना में एक और सीएम अल्पसंख्यक रोजगार सृजन योजना में 30 लोगों ने लाभ उठाया।
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2011 की जनगणना के मुताबिक 259648 आबादी वाले चंपावत जिले में अल्पसंख्यकों की संख्या सिर्फ 10085 (3.88 प्रतिशत) है। इस वर्ग के लिए योजनाओं की कमी नहीं है। अल्पसंख्यक स्वरोजगार, मुख्यमंत्री हुनर, व्यावसायिक प्रशिक्षण सहित कई योजनाएं इस वर्ग के लिए हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। यहां तक कि पांचवीं पास पात्रता वाली मुख्यमंत्री हुनर योजना के लिए भी पर्याप्त संख्या में लाभार्थी खोजे नहीं मिल रहे हैं। इसके पीछे निरक्षरता से लेकर पिछड़ेपन बहुतायत में है। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत इसके लिए जागरूकता की कमी को बड़ी वजह बताते हैं। उनका कहना है कि अल्पसंख्यक वर्ग की योजनाओं का विभागीय स्तर पर और अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
रियासत को नहीं मिली दिव्यांग से विवाह की रकम
चंपावत। मनिहारगोठ के रियासत हुसैन दिव्यांगों से जुड़े खेल में बड़ा नाम है। 2011 में सड़क दुर्घटना में एक हाथ गंवाने वाले रियासत तैराकी के अलावा 200 मीटर, 400 मीटर दौड़ और लंबी कूद में बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे हैं। लेकिन उन्हें दिव्यांग से विवाह करने के लिए मिलने वाली 25 हजार रुपये की रकम अब तक नहीं मिली है। रियासत का कहना है कि 2018-19 से पत्रावली विभाग में जमा है। इस साल तीन दिसंबर को दिव्यांग दिवस पर उन्होंने फिर से इस मामले को उठाया। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत का कहना है कि बजट की मांग की गई है। धन मिलने पर जल्द ही भुगतान हो जाएगा। ब्यूरो
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