बरसात के दौरान क्षेत्र में बाढ़ लाने वाली हुड्डीनदी इस बार अभी तक तो उफान पर नहीं आई है, किंतु बरसात में यह नदी कभी भी क्षेत्र के लिए खतरा बन सकती है। नदी के बीच में सिल्ट जमा होने और पिछले वर्ष बनाए गए डायवर्जन मार्ग पर मलबा जमा होने से नदी का रुख गांव की ओर हो गया है। समय रहते इसकी रोकथाम नहीं की गई तो यह नदी कभी भी क्षेत्र में तबाही मचा सकती है।
क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर बहने वाली हुड्डीनदी पिछले ढाई दशकों से यह नदी क्षेत्र के लिए बाढ़ का पर्याय बन चुकी है। अब तक यह नदी चंदनी, आनंदपुर और बमनपुरी गांव में भूकटाव तो कर ही रही है साथ ही क्षेत्र में बाढ़ भी लाती है। बरसात में चंदनी और आनंदपुर गांव के तट से पानी बढ़ने से हुड्डीनदी का पानी बनबसा में बाढ़ का रूप ले लेता है। इसी के तहत पिछले साल नदी के बीच में नदी का रुख मोड़ने को डायवर्जन मार्ग बनाने कार्य किया गया था। इस बार यह मार्ग मलबे और सिल्ट जमाव से पट चुका है। ऐसे में इस बार बरसाती पानी गांव व ग्रामीण तटबंद की ओर बहने से भूकटाव की समस्या पैदा होगी।
बता दें कि हुड्डीनदी का जलस्तर पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली बारिश से बढ़ता है। पटवारी विरेंद्र कुमार के अनुसार उफनाई हुड्डीनदी से पिछले दो दशकों में गांव के तट पर करीब दस एकड़ भूमि भूकटाव की भेंट चढ़ चुकी है। ग्राम प्रधान गंगा गुरुंग का कहना है कि प्रशासन ने समय रहते बाढ़ और भूकटाव नियंत्रण कार्य नहीं कराया तो कभी भी कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। आनंदपुर निवासी समाजसेवी जनक चंद ने बताया कि नदी के गांव की ओर बहने से इस बरसात में बाढ़ का खतरा पैदा होने की आशंका बनी हुई है। पूर्व प्रधान निर्मला मौनी, ग्रामीण किशन चंद, सुरेश चंद, राजू खत्री आदि ने इसके बीच से चुगान कराए जाने की मांग की है। शारदा हेडवर्क्स (यूपी सिंचाई विभाग) के एसडीओ एनसी पंत ने इस नदी से बाढ़ की रोकथाम के लिए नदी का चुगान और चेकडैम बनाने की सलाह दी है।