नकदी न होने के कारण बंद पड़ा एटीएम।
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जिले में नकदी संकट गहरा गया है। इसके चलते बैंकों में नकदी के लाले पड़े हैं। नतीजन एटीएम खाली हो गए हैं। मुख्यालय के 24 एटीएम में से 18 शोपीस बन गए हैं। नकदी न होने से मुख्यालय के अधिकांश एटीएमों पर ताले लटके रहे।
सोमवार को मुख्यालय के सरकारी और निजी क्षेत्रों के बैंकों के 24 में से 18 एटीएम बंद रहे। इन एटीएम में नकदी न होने के चलते बंद करना पड़ा। एटीएम में नकदी न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें नकदी के इंतजाम में नगर भर के एटीएम के चक्कर काटने पड़े। लेकिन हर एटीएम पर निराशा ही हाथ लगी।
एसबीआई मुख्य शाखा से लेकर नगर के अन्य सरकारी व निजी बैंकों के एटीएम खाली रहे। चुनिंदा एटीएम पर भीड़ लगी रही। हालांकि बाद में ये एटीएम भी खाली हो गए। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक अरुण जोशी का कहना है कि बैंकों में नकदी की कमी की समस्या बनी है। इसके चलते एटीएम खाली हो गए। एटीएम से नकदी न मिलने से बैंक शाखाओं में भीड़ लगी रही। नकदी की कमी को देखते हुए एसबीआई ने आम तौर पर 50 हजार से अधिक की निकासी नहीं दी। हालांकि जरूरतमंदों को इससे ज्यादा नकदी दी गई। वहीं, एटीएम बंद रहने जरूरतमंदों ने बैंक शाखाओं से पासबुक के जरिये नकदी निकाली। एटीएम में नकदी न होने से परेशान लोगों में बैंकों के खिलाफ नाराजगी देखी गई।
रिजर्व बैंक को भेजी मांग
जिले में नकदी संकट को देखते हुए रिजर्व बैंक को मांग भेज दी गई है। दो-तीन दिन के भीतर नकदी मिलने से समस्या दूर होने उम्मीद जताई जा रही है। जिला लीड बैंक अधिकारी प्रवीण सिंह ने बताया कि जिले की न्यूनतम मांग 100 करोड़ है। रिजर्व बैंक को जल्द से जल्द नकदी की खेप भेजने को कहा है। बता दें कि जिले की चेस्ट को पिछली बार भी मांग के मुताबिक नकदी नहीं मिल पाई थी। इससे बैंकों में नकदी की कमी की समस्या सिर उठा रही है।