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अस्पताल में मरीजों की भीड़, बंद पड़ा है प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र

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टनकपुर के संयुक्त चिकित्सालय में ओपीडी काउंटर पर लगी मरीजों की लाईन। - फोटो : TANAKPUR
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संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को सस्ते दामों पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने को सरकार की योजना के तहत प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र तो खोला गया है, लेकिन पिछलेे एक माह से अधिक समय से केंद्र बंद पड़ा है। मरीजों को बाजार से महंगे दामों पर जेनेरिक दवाइयां खरीदनी पड़ रही है, लेकिन मरीजों को रही दिक्कतों की किसी को परवाह नहीं है। अलबत्ता अस्पताल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेज दी है।
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इन दिनों अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। हर दिन करीब सौ से डेढ़ सौ मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ज्यादातर मरीज वायरल फीवर की चपेट में हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बंद पड़ा है। पिछले एक माह से अधिक समय से केंद्र में ताला लटका होने से इसकी मार मरीजों पर पड़ रही है।
बाहर से लिखी जा रही जेनेरिक दवाएं मरीजों को मजबूरन बाजार से महंगे दामों में खरीदनी पड़ रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मरीजों को बाहर से दवाई लिखने पर सख्ती से रोक लगा दी है, लेकिन अब जन औषधि केंद्र संचालक का ही अता-पता नहीं है। चिकित्सा अधीक्षक डा. एचएस ह्यांकी का कहना है कि केंद्र के बंद रहने की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। केंद्र संचालक से कई बार बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद है।
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पीएमओ तक पहुंची शिकायत
संयुक्त चिकित्सालय में जन औषधि केंद्र बंद होने की शिकायत पीएमओ कार्यालय तक पहुंच गई है। शहर के समाजसेवी सरदार सिम्पी सिंह ने पीएमओ कार्यालय के ट्यूटर अकाउंट में ट्यूट कर जन औषधि केंद्र बंद रहने से गरीब मरीजों को हो रही परेशानी से अवगत कराया है।
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