फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्मशाला पर कब्जा जमाने पहुंची जिला पंचायत की टीम, बवाल

Sat, 19 Dec 2015 10:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला पंचायत से पंचमुखी धर्मशाला की भूमि की लीज को लेकर उस वक्त बवाल मच गया, जब जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी विभाग की टीम को लेकर धर्मशाला को जिला पंचायत के कब्जे में लेने वहां पहुंचे। अध्यक्ष और धर्मशाला कमेटी के लोगों में जमकर तकरार हुई। न सिर्फ धर्मशाला कमेटी ने बल्कि वहां मौजूद भाजपा और अपनी ही पार्टी के लोगों से जिला पंचायत अध्यक्ष को खरी-खोटी सुनकर बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन


शनिवार को पूर्णागिरि धाम में कुछ वन भूमि जिला पंचायत को हस्तांतरित करने के लिए जिला पंचायत, वन विभाग और प्रशासन के अधिकारियों की बैठक थी। बैठक खत्म होते ही जिला पंचायत अध्यक्ष कुछ सदस्यों और विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर पंचमुखी धर्मशाला को जिला पंचायत के कब्जे में लेने वहां जा धमके, लेकिन इस बात की धर्मशाला कमेटी के लोगों को पहले से ही भनक थी। वे समर्थकों को साथ लेकर धर्मशाला गेट पर डटे रहे। धर्मशाला को कब्जे में लेने की कोशिश शुरू होते ही बवाल मच गया।

धर्मशाला कमेटी के लोगों के अलावा वहां मौजूद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कब्जे की कार्रवाई का कड़ा विरोध कर जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर प्रभारी कोतवाल सीएस कन्याल भी फोर्स के लेकर वहां पहुंच गए। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर तीखी तकरार हुई। इससे पहले की हालात बिगड़ते कुछ लोगों ने किसी तरह स्थिति को संभाला। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज पर आमादा थे। दोनों पक्षों ने तहरीर भी लिख दी थी, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोतवाली में किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं सौंपी थी।
विज्ञापन


यह है विवाद की वजह
जिस भूमि पर पंचमुखी धर्मशाला बना है वह जिला पंचायत की है, जो चंपावत जिला बनने के बाद यहां की जिला पंचायत के अधीन आ गई। 1989 में तत्कालीन नैनीताल जिला पंचायत परिषद ने धर्मशाला निर्माण के लिए भूमि 25 साल के लिए लीज पर दी थी, जो जून 2014 में खत्म हो गई है। इसके बाद धर्मशाला कमेटी ने लीज के नवीनीकरण के लिए जिला पंचायत में आवेदन किया, परंतु जिला पंचायत के मौजूदा बोर्ड ने नवीनीकरण के प्रस्ताव को दो बार खारिज कर भूमि को जिला पंचायत के कब्जे में लेने का प्रस्ताव पास किया है। इसके बाद से जिला पंचायत द्वारा भूमि खाली करा कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें