चंपावत। होली का पर्व नजदीक आने के साथ ही तैयारियां भी तेज हो गई हैं। होली के लिए ढोलक और ढोल बनाने के लिए हल्द्वानी से कारीगर यहां पहुंचे हैं। घर घर जाकर ढोलक बेचने के साथ ही बनाने का काम भी कर रहे हैं। हल्द्वानी से यहां पहुंचे कारीगर शेरदिल, पोपट, कलीम और सलीम ने बताया कि ढोलक निर्माण और बेचना उनका पुश्तैनी काम है।
होली के दौरान वे पहाड़ों में हर साल आते हैं। ये कारीगर यहां ढोलक और बड़े ढोल बनाने के साथ ही बेचने का काम भी करते हैं। शेर दिल ने बताया कि छोटी ढोलक बनाने के 300 रुपए और होली में खासतौर पर प्रयोग किए जाने वाले बड़े ढोल को बनाने के तीन हजार रुपए लेते हैं।