चंपावत के पास के जूप के बलदेव जोशी 35 मिनट से चंपावत के प्रधान डाकघर के काउंटर पर खड़े रहते हैं। उन्हें राष्ट्रीय बचत पत्र से संबंधित मामूली जानकारी चाहिए थी, लेकिन शुक्रवार अपरान्ह करीब एक बजे से कुछ पहले संबंधित काउंटर में कोई कर्मी नहीं होने से इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। ऐसी नौबत डूंगरासेठी के एक युवक सहित कुछ अन्य लोगों की भी थी। मगर इन्हें इनका समाधान बताने वाला कोई नहीं। ये भी बताने वाला कोई नहीं कि काउंटर में कर्मचारी कब हाजिर होंगे। जानकारी ली गई तो बताया गया कि यहां अपरान्ह एक बजे से दो बजे तक लंच होता है। लिहाजा कुछ कर्मचारी लंच में गए हैं, इसलिए काउंटर खाली हैं।
बदले हालात में केंद्र सरकार डाक विभाग में सुधार कर रही है। डाकघरों की कार्यप्रणाली को बेहतर करने के साथ ही डाकघरों को बैंक का रूप देने की तैयारी चल रही है। मगर कई जगह डाक विभाग के तौर-तरीकों में खास बदलाव नहीं हुआ है। जिला मुख्यालय के डाकघर में मामूली काम के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
इसका एक नजारा शुक्रवार अपरान्ह को नजर आया। चार काउंटरों में से मात्र एक में कर्मी मौजूद था। तीन काउंटर खाली थे। विभाग ने बताया कि लंच के चलते कर्मी काउंटर में नहीं है। लेकिन इस दौरान लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। इधर पिथौरागढ़ के डाक अधीक्षक एचसी भट्ट ने बताया कि लंच का वक्त 1.30 बजे से दो बजे तक होता है। जानकारी लेकर उचित कार्यवाही की जाएगी।
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अपरान्ह एक बजे से लंच का समय है। इस दौरान डाकघर का काम प्रभावित न हो, इसलिए कर्मचारी बारी-बारी से लंच को जाते हैं। इस दौरान कोई न कोई कर्मी काउंटर में रहता है। लंच के बाद सभी काउंटरों में फिर से कार्य सुचारु होता है।
जगदीश चंद्र पांडेय पोस्टर मास्टर,
प्रधान डाकघर, चंपावत।