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Champawat News: चंपावत में हृदयगति रुकने से नौ दिन में तीसरी जान गई

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देवलनाद गांव के राजेश पांडेय। (फाइल फोटो) - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। चंपावत के पास के देवलनाद गांव के राजेश पांडेय (49) की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। वह पेशे से पेंटर थे। उनकी मौत होने से परिवार में कोहराम मचा है। स्थानीय श्मशान घाट में अंतिम संस्कार हुआ।
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चंपावत से चार किलोमीटर दूर देवलनाद गांव निवासी राजेश पांडेय पुत्र परमानंद पांडेय के सीने में दर्द उठने पर रविवार को उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। फिजिशियन डॉ. यशमोहन सौनी ने बताया कि इलाज के दौरान राजेश पांडेय ने दम तोड़ दिया। चंपावत में 21 जनवरी से अब तक नौ दिन में तीन लोगों की हृदयगति रुकने से मौत हो चुकी है।
न हृदयरोग विशेषज्ञ न जांच की सुविधा
चंपावत। चंपावत में 21 जनवरी को चौड़ा राजपुरा ग्राम पंचायत के एक युवा प्रधान ने दम तोड़ा। 27 जनवरी को 40 वर्षीय पूर्व फौजी की मौत हुई और अब देवलनाद में 49 वर्षीय ग्रामीण की हृदयगति रुकने से मौत हुई लेकिन जिले के सरकारी अस्पतालों में हृदय रोगियों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। न जांच की सुविधा है और नहीं हृदयरोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई है।
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पहाड़ में भी हृदयरोगी तेजी से बढ़ रहे हैं। एक साल में आठ प्रतिशत रोगी बढ़े हैं। जिला अस्पताल सहित जिले में कहीं भी हृदयरोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) नहीं हैं। हृदयरोग विशेषज्ञ का पद आठ साल से रिक्त है। इको कार्डियोग्राफी या एंजियोग्राफी जैसी जांच के लिए यहां के लोगों को हल्द्वानी, बरेली आदि जगह जाना पड़ता है। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल का कहना है कि हृदयरोग के इलाज के लिए टेलीमेडिसिन के जरिये परामर्श की सुविधा है लेकिन इसका लाभ सामान्य समय में ही मिल पाता है, इमरजेंसी में इससे खास फायदा नहीं होता।
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हृदयरोग से बचाव के सुझाव:
सुबह की खुली हवा में तीन किमी तक घूमें, योगासन और प्राणायाम करें।
चिंता, क्रोध, मानसिक तनाव से बचें।
धूम्रपान से परहेज करें, आलस छोड़ें।
मोटापा और वजन को बढ़ने से रोकें।
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