फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक मरीज, दो जगह अल्ट्रासाउंड परीक्षण और दो रिपोर्ट

विज्ञापन
डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
लोहाघाट के राजीव गांधी नवोदय विद्यालय (आरएनवी) की सातवीं कक्षा की एक छात्रा के पेट में दर्द होने पर 34 दिनों के भीतर दो अल्ट्रासाउंड परीक्षण में अलग-अलग रिपोर्ट आई है।
विज्ञापन

इससे सकते में आए छात्रा रंजना भट्ट के पिता ने जिला अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। कहा गया कि जिला अस्पताल ने ऑपरेशन की सलाह देने के साथ एक डॉक्टर ने 12 हजार रुपये की भी मांग की।
छात्रा के पिता पैरा लीगल वालंटियर उमेश भट्ट का कहना है कि बच्ची की पेट दर्द की शिकायत पर 29 जुलाई को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड परीक्षण किया गया। परीक्षण रिपोर्ट में 7 एमएम की पथरी बताई गई।
विज्ञापन

अस्पताल के एक डॉक्टर ने एक हफ्ते बाद ऑपरेशन करने की सलाह देते हुए इसके लिए 12 हजार रुपये का खर्च बताया। पत्र में पीएलवी ने कहा कि 31 अगस्त को वे अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल गए तो अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद होने से परीक्षण नहीं हो सका। उन्होंने चंपावत के एक निजी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया तो रिपोर्ट सामान्य आई और डॉक्टर ने पथरी नहीं होने की बात कही।
पत्र में भट्ट ने कहा कि अगर वे पहली रिपोर्ट के आधार पर ऑपरेशन करा देते तो नन्हीं बच्ची की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता। 29 जुलाई से 31 अगस्त तक बच्ची ऑपरेशन के डर से भी जूझती रही।
सोमवार को पीएलवी भट्ट ने इस मामले को कलक्ट्रेट के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी जीसी पांडेय के माध्यम से जन सुनवाई शिविर में दर्ज कराते हुए जांच और कार्रवाई का आग्रह किया है।
रंजना भट्ट के 29 जुलाई को हुए अल्ट्रासाउंड परीक्षण और अस्पताल के किसी कर्मी द्वारा 12 हजार रुपये की मांग की जानकारी उन्हें नहीं है। रंजना के पिता की ओर से जिला अस्पताल को इस संबंध में कोई पत्र भी नहीं भेजा गया है। अगर शिकायत आएगी तो मामले की जांच कराई जाएगी।- डॉ. आरके जोशी, सीएमएस, जिला अस्पताल।
छात्रा के दो अलग-अलग अल्ट्रासाउंड परीक्षण की दो रिपोर्ट आना गंभीर मामला है। दोनों परीक्षण रिपोर्ट में कौन सी रिपोर्ट सही है, इसका पता लगाने के लिए थर्ड पार्टी से रिपोर्ट का निष्पक्ष परीक्षण कराया जाएगा। जिला अस्पताल के लगातार विवाद में आने से गहन और उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करा कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सुरेंद्र नारायण पांडेय, जिलाधिकारी, चंपावत।
बगैर इलाज नहीं निकल सकती है पथरी
चंपावत। सामान्य रूप से 7 मिलीमीटर की पथरी बगैर इलाज के नहीं निकल सकती है। परिजनों की मानें तो उन्होंने बेटी रंजना का इलाज नहीं कराया। वे ऑपरेशन के लिए रकम का जुगाड़ करने में जुटे थे। पिता उमेश भट्ट का कहना है कि इस बीच 31 अगस्त को बेटी को दोबारा पेट दर्द हुआ तो जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आए। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने से निजी अस्पताल में परीक्षण कराने पर रिपोर्ट सामान्य निकली।
मार्च में भी शक के घेरे में आई थी एक अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट
चंपावत। दुधपोखरा गांव के प्रमोद की गर्भवती पत्नी पूजा का मार्च में हुआ अल्ट्रासाउंड परीक्षण भी विवादों के घेरे में रहा। तब जांच के बाद अस्पताल ने गर्भ में पल रहे चार माह के शिशु के सिर में दिक्कत बताई थी। डरे सहमे परिजन गर्भवती महिला को लेकर सीधे दिल्ली के एक नामी अस्पताल पहुंचे। परिजनों का कहना है कि दिल्ली के अस्पताल की रिपोर्ट में गर्भ में पल रहे शिशु के सिर में किसी तरह की दिक्कत न होने की बात सामने आई थी।
रकम ऐंठने के लग चुके हैं कई आरोप
चंपावत। आयुष्मान योजना में रुपये ऐंठने के आरोप पिछले माह भी लग चुके हैं। इस संबंध में दुधपोखरा गांव के नीरज सिंह ने अपने पिता देव सिंह के पथरी के ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल पर 12 हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए 14 अगस्त को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजने के साथ ही सीएम के पोर्टल में भी शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके अलावा कांडा गांव की निवर्तमान प्रधान सरस्वती देवी ने आयुष्मान कार्ड के बावजूद अस्पताल पर पांच हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए सीएमओ से शिकायत की थी। उधर सीएमएस डॉ. आरके जोशी ने जिला अस्पताल में नियमविरुद्ध किसी भी तरह के धन वसूलने के आरोप को सिरे से खारिज किया है।

राजीव नवोदय स्कूल लोहाघाट की छात्रा रंजना भट्ट।- फोटो : CHAMPAWAT

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें