चंपावत। जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए 1.25 करोड़ रुपये से पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) का निर्माण जुलाई 2022 में शुरू हो गया था। इसका निमार्ण कार्य अक्तूबर 2022 तक पूरा किया जाना था लेकिन लगभग तीन साल बीतने के बाद भी पीआईसीयू भवन हेंडओवर नहीं हुआ है। पीआईसीयू में एक महीने पहले की लग मशीनें अब धूल फांक रही हैं। पीआईसीयू का भवन हेंडओवर नहीं होने से पीआईसीयू का संचालन नहीं हो पा रहा है। पीआईसीयू का संचालन होने से बच्चों को बेहतर इलाज मिलेगा। पीआईसीयू की 32 बेड की क्षमता वाले यूनिट में आईसी बेड, वेंटिलेटर, इंट्रीवेटर, फोटोथेरेपी, इंसुलिन पंप, मल्टी पैरा मोनिटर सहित अन्य प्रकार की जरूरी मशीनें लगाई गई हैं लेकिन यूनिट के भवन का विभाग के हेंडओवर नहीं होने से संचालन नहीं हो पाया है। यूनिट में सिविल वर्ग का कार्य पूरा नहीं हुआ है। पीआईसीयू में बच्चों की हृदय गति, श्वास, रक्तचाप और अन्य महत्वपूर्ण संकेतों की बारीकी से निगरानी की जाती है।
जिला अस्पताल परिसर में बने पीआईसीयू में सभी जरूरी उपकरण आ गए हैं लेकिन पीआईसीयू का भवन हैंडओवर नहीं हुआ है। पीआईसीयू के संचालन के लिए ऑक्सीजन पाइप लाइन और स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है।- एचएस हयांकी, पीएमएस जिला अस्पताल, चंपावत