मां पूर्णागिरि धाम में दर्शन को आने वाले यात्रियों के बायो मैट्रिक और फोटो पंजीकरण की योजना मजाक बन कर रह गई है। चार दिन में जहां लाखों की संख्या में यात्री देवी के दर्शन कर चुके हैं, वहीं इन सिर्फ 8659 यात्रियों का ही बायोमैट्रिक पंजीकरण किया जा सका है।
मां पूर्णागिरि धाम में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनों को आते हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमानित आंकड़ा ही लगाया जाता रहा है। चार धामों की तर्ज पर इस बार सरकार ने पर्यटन विकास बोर्ड के माध्यम से मां पूर्णागिरि धाम में आने वाले यात्रियों की संख्या का सही आंकड़ा पता लगाने को यहां भी यात्रियों का बायो मैट्रिक, फोटो पंजीकरण शुरू कराया है।
यह कार्य त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम इंडिया लि. नामक कंपनी को सौंपा गया है। कंपनी ने इसके लिए पंजीकरण वैन के साथ अपने कर्मचारी भेजे हैं। यात्रियों के पंजीकरण के लिए इस वैन को भैरव मंदिर में खड़ा किया है, लेकिन अब तक कुछ ही यात्रियों का पंजीकरण हो पाया है। कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि 23 मार्च से यात्रियों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया था। पहले दिन दस यात्रियों का पंजीकरण किया गया।
इसके बाद 24 मार्च को 1544, 25 को 3805 और 26 मार्च को 3300 यात्रियों का ही पंजीकरण हो पाया। कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि एक तो भैरव मंदिर बीएसएनएल का टावर लगा होने के बावजूद नेटवर्क की समस्या से पंजीकरण में दिक्कत आ रही है और फिर प्रशासन और पुलिस भी सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी केदारनाथ, बद्रीनाथ समेत चारों धामों में भी यात्रियों के पंजीकरण का काम कर रही है।
जल्द सुनिश्चित की जाएगी व्यवस्था
मेले में भीड़ के दबाव के कारण बायो/फोटो मैट्रिक पंजीकरण की व्यवस्था सही ढंग से सुचारु नहीं हो पाई है। जल्द ही हर यात्री का पंजीकरण कर कार्ड जारी किए जाने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा।
नरेश दुर्गापाल, मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम, पूर्णागिरि टनकपुर।