चंपावत/लोहाघाट। होली, गुड फ्राइडे, ईस्टर पर्व के बाद लोगों का मैदानी क्षेत्रों को जाने का सिलसिला शुरू हुआ। इसी के साथ रविवार को उन्हें वाहनों के लिए खूब पापड़ बेलने पड़े। वाहनों की कमी के चलते घंटों का इंतजार करनी पड़ी। बड़ी संख्या में दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार, बरेली समेत पंजाब आदि राज्यों को जाने वाले नौकरी-पेशा लोग स्टेशन में थे। चंपावत मोटर स्टेशन रोड पर ब्रजेश सिंह, रोहित दो घंटे से दिल्ली जाने के लिए रोडवेज की बस का इंतजार कर रहे थे। लोहाघाट और पिथौरागढ़ से बसें आ भी रही थी, मगर बसों के पैक होने से वे निराश थे।
लोहाघाट के रोडवेज डिपो ने यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रोडवेज द्वारा दिल्ली के लिए पांच, देहरादून के लिए दो, रुड़की वाया देवीधुरा, हरिद्वार-ऋषिकेश, टनकपुर-हल्द्वानी के लिए एक-एक और बरेली के लिए दो बसों का संचालन किया। मगर भारी भीड़ के चलते लोगों को बसों में सीट प्राप्त करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ लोग तो रोडवेज कार्यशाला से ही परिजनों के लिए बसों में सीट बनाकर आ रहे हैं। इन स्थानों के लिए निर्धारित समय से कुछ देरी में बसें स्टेशन में आने से यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
खासकर उम्रदराज यात्रियों को बसों की इंतजारी में दुश्वारी आई। बस स्टेशन में यात्रियों के लिए न तो बैठने की कोई व्यवस्था है, और न ही पेयजल आदि की। बस स्टेशन में फर्श न होने से उड़ रही धूल से भी लोगों का वहां पर बैठना मुश्किल है। उधर रोडवेज अधिकारियों का कहना था कि इक्का-दुक्का अतिरिक्त बस सेवाएं दी गई, मगर भीड़ को देखते हुए ये नाकाफी थी।