टनकपुर (चंपावत)। कोरोना के कारण मकर संक्रांति पर हरेला क्लब का मेला नहीं हुआ, लेकिन क्लब ने कुमाऊंनी छोलिया नृत्य के साथ कलशयात्रा निकाली। कलशयात्रा में शामिल महिलाओं ने शिवालयों में जलाभिषेक किया। लोगों ने छोलिया नृत्य का आनंद उठाया। गांधी मैदान में मांगलिक गीतों के साथ यात्रा का समापन हुआ।
हरेला क्लब हर साल मकर संक्रांति पर दो दिवसीय उत्तरायणी मेला आयोजित करता है, लेकिन इस बार कोरोना के कारण मेले के आयोजन की अनुमति नहीं मिली। इसलिए क्लब ने छोलिया नृत्य के साथ कलशयात्रा निकाली। शारदा स्नानाघाट से शुरू कलशयात्रा का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने किया। कुमाऊंनी परिधान में सजी महिलाओं ने कलश में शारदा का पवित्र जल लेकर कलशयात्रा शुरू की। स्नानघाट मार्ग से निकली यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गांधी मैदान पहुंची, जहां विद्या जुकरिया, रेखा पांडेय, दीपा नरियाल, पार्वती खर्कवाल, रिचा सुतेड़ी आदि महिलाओं ने मांगलिक गीत गाए। कुमाऊं के प्रसिद्ध वाद्ययंत्रों के साथ छोलिया नृत्य देखने लोगों की भीड़ उमड़ी। आयोजन में हरेला क्लब के संरक्षक धर्मेंद्र चंद, डीडी धामी, शंकर दत्त गड़कोटी, अध्यक्ष डीडी भट्ट, उपाध्यक्ष अजय गुरुरानी, कोषाध्यक्ष धीरेंद्र खर्कवाल, सचिव भुवन जोशी, किशोर खर्कवाल, महेश पंगरिया, उमेद नेगी, प्रताप बिष्ट, नीरज जुकरिया, कैलाश जुकरिया, अमित जोशी बिट्टू आदि ने सहयोग दिया।
हर्षोल्लास से मनाया गया उत्तरायणी पर्व
उत्तरायणी पर्व क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शारदा और कांकर घाट में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र शारदा में डूबकी लगाकर ईश्वर से सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर कई लोगों ने घाटों पर बच्चों को यज्ञोपवीत संस्कार भी कराया। शारदा में स्नान के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। टनकपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के साथ ही बनबसा, चकरपुर, खटीमा, झनकट, नानकमत्ता आदि क्षेत्र से भी काफी संख्या में शारदा में स्नान के लिए पहुंचे।