रीठा साहिब (चंपावत)। अमृतसर स्वर्ण मंदिर के अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि रीठा साहिब गुरुद्वारा अध्यात्म का प्रमुख केंद्र होने के साथ ही अपनी विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों के चलते साधना का केंद्र भी बनेगा। रीठा साहिब गुरुद्वारे का दो दिनी दौरा संपन्न होने के बाद मंगलवार को उन्होंने रीठा साहिब गुरुद्वारे के विकास और आवासीय सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया। उन्होंने धर्म को मानवता की सेवा का स्वरूप बताते हुए कहा कि गुरु का यह द्वार इंसानी सेवा और सत्कार की सीख देता है।
उन्होंने कहा कि रीठा साहिब में हेलीपैड, अच्छी सड़कों और यहां की बुनियादी सेवाओं को बढ़ाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रभावी पहल की जरूरत है। तीर्थाटन और पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरने से यहां रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने रीठा साहिब गुरुद्वारा परिसर के निरीक्षण के साथ भजन-कीर्तन और संगत को संबोधित किया। यहां के गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह ने हरप्रीत सिंह को सरोपा और कृपाण भेंट किया।
पैरा लीगल वालंटियर हयात राम, सतनाम सिंह, दीवान राम ने कहा कि गुरुद्वारे से क्षेत्र की पहचान जुड़ी है, लेकिन आधारभूत ढांचे की कमी से समग्र विकास में अड़चन आ रही है। इसके लिए उन्होंने ज्ञानी जी से सहयोग का अनुरोध किया। ज्ञानी हरप्रीत सिंह के दौरे में अजीत पाल सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक समिति नानकमत्ता के प्रबंधक रंजीत सिंह आदि साथ थे।