जिले के सीमांत गुरु गोरखनाथ धाम में पेयजल संकट गहरा गया है। काफी ऊंचाई में स्थित होने के कारण यहां के लिए अब तक पेयजल योजना का निर्माण नहीं हो सका है। मंदिर से करीब तीन किलोमीटर दूर मिट्टीखाल में लगे हैंडपंप से यहां पीने के पानी की व्यवस्था की जाती है। जिससे श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नीड़ तल्ली के बीडीसी सदस्य बची सिंह भगत ने जिलाधिकारी और जल निगम के अधिशासी अभियंता को भेजे ज्ञापन में धाम में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था करने की मांग की। कहा धाम में गोरख समुदाय के साधु संतों के अलावा हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने धाम में पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण करने की मांग की।
बारिश के पानी से चल रहा काम
गुरु गोरखनाथ धाम में पेयजल संकट के बावजूद पूर्व में बनाए गए कुओं में संग्रहित बरसात का पानी काफी मददगार साबित हो रहा है। नहाने और बर्तन, कपड़े आदि धोने के लिए इसी पानी का इस्तेमाल किया जाता है।