बैंकों के तीन दिन के अवकाश का रविवार को दूसरा दिन था। शनिवार की अपेक्षा रविवार को लोगों की परेशानी में इजाफा हुआ। मुख्यालय के चार एटीएम को छोड़ ज्यादातर में कैश की किल्लत थी और जिन एटीएम में नगदी थी भी, तो बस 2000 रुपए का एक नोट।
एसबीआई, आईडीबीआई, यूनियन बैंक सहित 8 एटीएम के या तो शटर डाउन थे या उनसे कैश नहीं निकल रहा था। लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत और भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती से संपर्क नहीं होने से खाली एटीएम में नगदी कब डाली जाएगी, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं आरबीआई से यहां की कैश चेस्ट को नगदी कब तक मिल सकेगी, इसकी भी जानकारी नहीं मिल पाई है।
एटीएम में लग रही लाइनें
बैंकों में अवकाश के चलते लोगों को दिक्कतें होने लगी है। नगर क्षेत्र में लगे आधा दर्जन एटीएम में से तीन एटीएम के बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। डाक बंगला रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा, एसबीआई और मीना बाजार स्थित एसबीआई के एटीएम से दो हजार रुपए निकलने से लोगों को कुछ राहत मिल रही है। पर यहां के एटीएम से कैश निकालने के लिए लोगों की लाइन लगी रही। एटीएम में छोटे नोट नहीं होने से भी लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
बैंक बंद और एटीएम भी हो रहे खाली
नोटबंदी के बीच बैंकों में तीन दिन का अवकाश और ज्यादातर बैंकों के एटीएम बंद होने से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में लगे करीब एक दर्जन एटीएम में से सिर्फ दो बैंकों की एटीएम सेवा ही सुचारु है, इनसे रुपए निकालने के लिए लोगों को घंटों तक लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ा। बैंकों में शनिवार से सोमवार तक तीन दिन का अवकाश है, लेकिन बैंकों ने नोटबंदी में परेशानी झेल रहे आम लोगों की परेशानी से सरोकार नहीं रखा। बैंकों ने या तो एटीएम बंद रखे या फिर उनमें रुपए ही नहीं डाले। रविवार को शहर में लगे स्टेट बैंक के तीन एटीएम खुले थे, लेकिन शास्त्री चौक पर लगे एक ही एटीएम से रुपए निकले। इसके अलावा कूर्मांचल बैंक के इकलौते एटीएम से भी रुपए निकले। एक्सिस और यूनियन बैंक के एटीएम भी खुले तो थे, लेकिन उसमें रुपए नहीं थे, जबकि पंजाब नेशनल बैंक, ओबीसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक के एमटीएम बंद पड़े थे।