चंपावत। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चंपावत जिले के प्रसिद्ध मां वाराही शक्तिपीठ धाम, देवीधुरा के भव्य नवनिर्माण कार्य का मुख्यमंत्री आवास देहरादून से वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। करीब 15 करोड़ की लागत से होने वाले इस कायाकल्प से यह धाम राष्ट्रीय स्तर पर आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान बनाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि देवभूमि की आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड के चारधाम, शक्तिपीठों और सिद्धपीठों का संरक्षण एवं पुनरुत्थान तेजी से किया जा रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बता दें कि करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से मां वाराही शक्तिपीठ का कायाकल्प किया जाएगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन और आस्था को नया आयाम मिलेगा। इस परियोजना के लिए चार खाम सात थोक और मां वाराही शक्तिपीठ ट्रस्ट देवीधुरा ने दो से तीन वर्षों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है।
इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, उपाध्यक्ष राज्य सेतु आयोग राजशेखर जोशी, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा, कार्यकारिणी सदस्य सतीश पांडे, पालिकाध्यक्ष लोहाघाट गोविंद वर्मा, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिला उपाध्यक्ष राजू बिष्ट, मां वाराही मंदिर समिति के संरक्षक/संस्थापक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष हीरा बल्लभ जोशी, कोषाध्यक्ष दिनेश जोशी, डीएम मनीष कुमार, एसपी रेखा यादव, सीडीओ डॉ. जीएस खाती, एडीएम एसएन गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
विकास भी और विरासत भी- राज्य सरकार का मूल मंत्र है
देवभूमि की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीएम ने कहा कि विकास भी और विरासत भी राज्य सरकार का मूल मंत्र है। इसके तहत धार्मिक स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। सीएम ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर और गोल्ज्यू कॉरिडोर के तहत करोड़ों की लागत से तेजी से कार्य किया जा रहा है। कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अब डीबीटी के माध्यम से पारदर्शिता के साथ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।
राजस्थान के पत्थरों का होगा उपयोग
मां वाराही मंदिर के इस भव्य नवनिर्माण कार्य में राजस्थान से विशेष पत्थरों का उपयोग किया जाएगा। मंदिर की मुख्य मूर्ति का निर्माण बाबा कल्याण दास जी महाराज की ओर किया जाएगा जबकि संपूर्ण स्थापत्य कार्य का पर्यवेक्षण सोनपुर ग्रुप गुजरात के विशेषज्ञ विपुल त्रिवेदी की ओर से किया जाएगा। शिलान्यास से पूर्व क्षेत्र की महिलाओं ने पारंपरिक वेश-भूषा और वाद्य यंत्रों की धुनों के साथ भव्य कलशयात्रा निकाली। इस दौरान श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।