चंपावत। यहां मंगलवार को आहूत क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक ग्राम प्रधानों के विरोध के चलते स्थगित हो गई। अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर पूर्व में सामूहिक रूप से इस्तीफा दे चुके ग्राम प्रधानों ने एक बार फिर से अपनी मांगों को लेकर ब्लॉक सभागार में चल रही बैठक में हंगामा काटा। इस दौरान बैठक में मौजूद विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी ने भी ग्राम प्रधानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रधान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।
ग्राम प्रधानों ने राज्य वित्त के तहत ग्राम पंचायतों को आवंटित होने वाली राशि में की गई कटौती को निरस्त कर पूर्व की भांति यथावत रखने, राज्य में पंचायतीराज अधिनियम 2016 को पूर्ण रूप से लागू कर सम्मानजनक मानदेय की मांग की। बताया कि वह पूर्व में इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से एक माह का समय मांगा गया था।
एक माह का समय बीतने के बाद भी समस्या नहीं सुलझी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई तो बीडीसी की अगली बैठकों का भी बहिष्कार किया जाएगा। इनमें सुरेंद्र नाथ, गोपाल सिंह, लोकमणी जोशी, नारायण दत्त, मोहनी देवी, रूपा देवी, केशव दत्त मौनी, जगदीश राम, मुकेश जोशी, धर्मानंद भट्ट, सरिता देवी आदि थे। इससे पूर्व जनप्रतिनिधियों ने पहली बार बैठक में आए विधायक गहतोड़ी का आभार जताया।
चंपावत। बीडीसी की बैठक में ग्राम प्रधानों के विरोध पर विधायक कैलाश गहतोड़ी ने सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने ग्राम प्रधानों से ज्ञापन लेकर उसे शासन स्तर पर मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
ब्लॉक प्रमुख पुष्पा सकारी की अध्यक्षता में बीडीओ बीएस खाती ने संचालन किया। बैठक में बिजली, शिक्षा, लोनिवि, पंचायतीराज, पेयजल आदि विभागों को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान सीडीओ एचजी भट्ट, डीडीओ आरसी तिवारी सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी थे।