एसडीएम निर्मला बिष्ट ने लधिया घाटी क्षेत्र का भ्रमण कर आंगनबाड़ी केंद्र चल्थियां का औचक निरीक्षण किया। यह केंद्र बंद पाया गया। जबकि यहां गर्भवती, धात्री, वृद्ध महिलाओं के अलावा बच्चे भी आए हुए थे। आंगनबाड़ी कार्यकत्री भगवती जोशी के बारे में ग्रामीणों का कहना था कि वह हल्द्वानी रहती हैं।
इस केंद्र में बच्चों के लिए कोई भोजन नहीं बनता है और न ही यहां गर्भवती, धात्री तथा वृद्ध महिलाओं को पोषाहार मिलता है। केंद्र को सहायिका शांति कुंवर के मकान में खोला गया है। जहां भवन की हालत बेहद खतरनाक है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना था कि केंद्र को प्राथमिक विद्यालय परिसर या पंचायत घर में संचालित करने की उनकी मांग को अनदेखा किया जा रहा है।
निरीक्षण में मुख्य सेविका बिंद्रा बिष्ट का कहना था कि कार्यकत्री की ओर से चल्थियां केंद्र में पोषाहार वितरण पर 50 हजार रुपये महीने खर्च का बिल दिया जाता है। वहां मौजूद बची आमा, सरस्वती आमा, पार्वती देवी आदि ने एसडीएम को अपनी समस्याएं बताई। एसडीएम के साथ राजस्व निरीक्षक हरीश नाथ भी थे।