जिला मुख्यालय के खेल प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने यहां के गोरलचौड़ मैदान को उच्चीकृत कर स्टेडियम निर्माण की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में प्रभारी सचिव शैलेश बगौली की ओर से खेल निदेशक को प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी एजेंसी बनाया गया है। खेल विभाग और कार्यदायी संस्था को जल्द डीपीआर तैयार कर स्पष्ट आख्या के साथ प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यालय में स्टेडियम निर्माण से खेल प्रेमियों के एक अभाव की पूर्ति होगी। अब तक जिला मुख्यालय में होने वाली शिक्षा विभाग, युवा कल्याण और खेल विभाग की सभी खेलकूद गतिविधियां शिक्षा विभाग के गोरलचौड़ मैदान में आयोजित की जाती रही है।
एकमुश्त जमीन न मिलने से लंबित है प्रस्ताव
जिला मुख्यालय में एकमुश्त जमीन नहीं मिलने के कारण बहुउद्देशीय स्टेडियम निर्माण का प्रस्ताव लंबित चल रहा है। खेल विभाग को स्टेडियम निर्माण के लिए करीब दो सौ नाली भूमि की आवश्यकता है। जिला क्रीडाधिकारी आरएस धामी के अनुसार पूर्व में विभाग की ओर से नौलटाक में स्टेडियम के लिए भूमि चयनित की थी, लेकिन नापजोख में वह जमीन सौ नाली से कम निकली। जिसके बाद नए स्थान में भूमि की तलाश की जा रही थी।
दो-दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने की है स्टेडियम की घोषणा
राज्य के पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी के साथ ही दो-दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की ओर से चंपावत जिला मुख्यालय में स्टेडियम निर्माण की घोषणा की गई थी। पूर्व सीएम बीसी खंडूरी ने भी स्टेडियम निर्माण का ऐलान किया था, लेकिन अर्सा बीतने के बाद भी स्टेडियम का निर्माण नहीं होने से खेल प्रेमियों में मायूसी थी। विधायक हेमेश खर्कवाल के अनुसार गोरलचौड़ मैदान मुख्यालय के बीचोंबीच में स्थित है। इसे स्टेडियम में तब्दील किए जाने से यहां के खेल प्रेमियों को खासा लाभ होगा।