चंपावत जिले का जीआईसी रमक पूर्व हालात में।
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चंपावत। जिले के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में से एक जीआईसी रमक में कोरोना काल में प्रधानाचार्य के प्रयासों से स्कूल भवन की तस्वीर ही बदल दी गई है। लॉकडाउन में स्कूल के छात्रों के लिए बंद होने के कारण प्रधानाचार्य डॉ. एसपी गंगवार के आर्थिक सहयोग से विद्यालय की मुख्य भवन पर आकर्षक पेंटिंग और रचनात्मक चित्रकारी की गई। इसमें अतिथि शिक्षक कला ने भी सहयोग किया है। राशि और संसाधनों के अभाव के कारण वर्षों से खस्ताहाल स्कूल के पुराने भवन का चूना छुड़ाकर नया रंगरोगन किया गया। उसके बाद भवन की दीवारों में रचनात्मक चित्रकारी की गई। दीवारों पर भारत के मानचित्र, आवश्यक दूरभाष नंबर और शिक्षा से संबंधित स्लोगन आदि लिखे गए। डॉ. गंगवार ने बताया कि अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में स्थित होने से विद्यालय संसाधन विहीन है। उन्होंने तो बस एक प्रयास मात्र किया है। उन्होंने इस कार्य में सहयोग देने वाले शिक्षकों के प्रति आभार भी जताया है। बीडीसी सदस्य लीलांबर दत्त अटवाल, पूर्व प्रधान बसंतबल्लभ अटवाल, मंगल जोशी, वीरेंद्र सिंह, किशन सिंह आदि ने प्रधानाचार्य और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की है।
गांव में जाकर पढ़ा रहे हैं प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र जोशी
चंपावत। जिले के पाटी ब्लॉक के लधियाघाटी क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय गड्यूड़ा कोविड-19 के कारण बंद है, लेकिन विद्यालय के छात्र-छात्राओं के भविष्य को लेकर प्रधानाध्यापक रमेश चंद्र जोशी छात्रों के घर-घर जाकर पढ़ा रहे हैं। साप्ताहिक गृह कार्य देकर उसकी जांच भी की जा रही है। प्रधानाध्यापक की ओर से सप्ताह में दो दिन गांव का भ्रमण किया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि जब तक कोरोना महामारी से निजात मिलने और स्कूल खोलने का आदेश मिलने तक उनका यह प्रयास जारी रहेगा।