चंपावत। परिवार कल्याण महिला कर्मचारी संघ सहित कई अन्य संगठन भी आंदोलन में कूद गए हैं। कलक्ट्रेट में लोनिवि के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एमसी जोशी की अध्यक्षता और बंशीधर थ्वाल के संचालन में हुए धरना प्रदर्शन में नारायणी बिष्ट, विनीता चंद, डॉ.वीरेंद्र मेहता, सुरेंद्र सौन, जीवन ओली, प्रभाकर दीक्षित, एमसी जोशी, खीम सिंह बिष्ट, एलएम चतुर्वेदी, लीलाधर बिनवाल, पुष्पा चौधरी, शैलजा लोहनी, निर्मला भट्ट, कृष्ण उनियाल, सोबन मेहरा, पुष्कर सिंह बोहरा, संतोष कुमार उप्रेती, राजेंद्र मेहता, मालविका पंत, राजीव बोहरा, कमल पंत आदि शामिल रहे।
लोहाघाट ये कर्मचारी रहे मौजूद
लोहाघाट में मुख्य संयोजक प्रकाश सिंह तड़ागी के नेतृत्व में संध्या पांडेय, मंजू तड़ागी, ललिता जोशी, दीपिका बिष्ट, लता कार्की, उषा राय, सीता गहतोड़ी, त्रिलोचनी पांडेय, देवकी जोशी, संतोष चंद, बबीता महर, हिमानी पोखरिया, दीपा जोशी, निर्मला देवी, सुनीता मेहता, प्रबुद्ध शर्मा, भगवत पांडेय, ईश्वरी लाल साह, गोविंद ओली, नवीन ओली, अनिरुद्ध पुनेठा, सुरेश चंद्र जोशी ।
बाराकोट में ये रहे मौजूद
मुख्य संयोजक नगेंद्र जोशी के नेतृत्व में जगदीश तिवारी, गणेश दत्त जोशी, संजय नाथ, खजान चंद्र जोशी, विनोद वर्मा, नंदा बल्लभ, कैलाश जोशी, मुकेश जोशी, संदीप मेहता, पाटी में भी प्रदीप गहतोड़ी, ललित मोहन भट्ट, डिकर नाथ आदि थे।
जीवित प्रमाणपत्र के लिए घंटों भटकती रही रुकमणि
चंपावत। बुजुर्ग रुकमणि कोषागार में जीवित प्रमाणपत्र की औपचारिकता पूरी करने के लिए घंटों तक कोषागार में भटकती रही। यह नौबत जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से हुई। बाद में वरिष्ठ कोषाधिकारी हेमेंद्र प्रकाश गंगवार के प्रयास से उनकी समस्या का समाधान हो गया।
कोट....
जनरल-ओबीसी कर्मियों की हड़ताल का कोषागार के काम पर असर पड़ रहा है। वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय में 16 में से 11 कर्मी हड़ताल पर है। इस वजह से सामान्य कामकाज ही नहीं, जिला योजना से लेकर विभिन्न सरकारी धनराशि भी रिलीज नहीं हो पा रही है। सभी पटल के कर्मियों के कोड होने की वजह से दूसरी पटल के कर्मचारी भी इस काम को नहीं कर सकते हैं।
हेमेंद्र प्रकाश गंगवार, वरिष्ठ कोषाधिकारी, चंपावत।